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बजट में शिक्षा को प्राथमिकता

Dr. Ashok Choudhary

महागठबंधन सरकार के पहले बज़ट में शिक्षा को प्राथमिकता सरकार के सार्थक सोंच का उदाहरण ..

बिहार विधान सभा में वित्तीय वर्ष 2016- 17 का बजट महागठबंधन सरकार के वित्तमंत्री ने पेश किया। जैसा कि हमने प्रदेश की जनता से वादा किया था, और जिस उद्देश्य की पूर्ति, राज्य के सर्वांगीण विकास का हमने प्रण लिया था बज़ट बिलकुल उसके अनुरूप है।

कुल बजटीय प्रावधान 1 लाख 44 हज़ार 696 करोड़ रूपये का है, जिसमें सबसे अधिक राशि शिक्षा विभाग को 21,897 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीँ सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग को 272 करोड़ 56 लाख की राशि का 2016 - 17 के बज़ट में प्रावधान किया गया।

महागठबंधन सरकार जन आकांक्षाओं को पूरा करने में पहले दिन से हीं पूरी निष्ठा व ईमानदारी से जुटी है। चुनाव पूर्व जिन सात निश्चयों को हमने पूरा करने का वादा किया था। उस पर अक्षरसः अमल हो रहा है।

शिक्षा को उच्चस्तरीय गुणवत्ता प्रदान करना मेरी प्रतिबद्धता है। मैंने पद ग्रहण करते समय हीं अपना विचार स्पष्ट कर दिया था। शिक्षा मात्र एक विभाग नहीं वरन् भविष्य निर्माण का मार्ग है, इसी उद्देश्य से काम कर रहा हूँ। मेरी भावनाओं और प्रण को पूरा पूरा सम्मान देने के लिये माननीय मुख्यमंत्री जी एवं वित्तमंत्री जी का अभिनंदन करता हूँ।

शिक्षकों का नियमित वेतन, सुचारू पठन- पाठन, उच्चस्तरीय शिक्षा का माहौल, बच्चों के प्रतिभा को उनके रूचि के अनुरूप निखारना, छात्रवृति, पोशाक, सायकिल मध्याह्न भोजन जैसी सरकारी योजनाओं को अक्षरसः लागू किया जायेगा। सरकार और शिक्षा विभाग बिहार को पुनः शिक्षा हब के रूप में स्थापित करेगी ये हमारा वादा है। एक बार फिर से देश विदेश में बिहार ज्ञान नागरी के रूप में पहचान कायम करेगा इसके प्रति हम पूरी तरह आशान्वित हैं।

पूरी तरह जनहित, विकास और हर क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए संतुलित बज़ट पेश करने के लिये। माननीय मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री, मंत्रिमंडल के सभी मंत्रीगण और प्रदेश की जागरूक जनता को बधाई देता हूँ। यह बज़ट बिहार को समृद्ध और विकसित बनाने की दिशा में मिल का पत्थर साबित होगा।

डॉ अशोक चौधरी
मंत्री (HRD & IT)
बिहार सरकार

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