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सहारा इण्डिया परिहार सीतामढ़ी से maturity amount का भुगतान नहीं, जमाकर्ता परेशान

परिहार सीतामढ़ी(बिहार)।सहारा इण्डिया परिहार शाखा द्वारा maturity amount का भुगतान नहीं किया जाता है इतना ही नहीं maturity amount के भुगतान में सहारा इंडिया के मुख्य कार्यालय द्वारा भी असमर्थता जताई जाती है और कहा जाता है कि सहारा इंडिया के तमाम एसेट्स पर पाबंदी लगी हुई है जब तक पाबंदी नही हटती भुगतान मुमकिन नहीं।मालूम हो कि ग्राम एकडण्डी परिहार निवासी श्रीमति रूमाना परवीन ने सहारा इंडिया के सहारा यूनिक स्कीम के तहत मात्र 5000/रुपये की राशि फिक्स्ड डिपॉजिट 2008 में की थीं जिसकी maturity 2018 के जनवरी में पूरी हो गई मगर आज तक maturity anount का भुगतान मुमकिन नहीं हो सका जिसको लेकर ईमेल शिकायत सहारा इंडिया के मुख्य कार्यालय से की गई मगर ईमेल शिकायत का कोई जवाब नही दिया गया और न ही भुगतान की दिशा में कोई कार्रवाई ही की गई तब दूरभाष से मुख्य कार्यालय सम्पर्क किया गया तो बताया गया कि पाबन्दी के कारण भुगतान मुमकिन नहीं पाबंदी हटने का इंतज़ार करें या पुनः रिइंवेस्ट कर दें  लोगों ने बड़े अरमान से कुछ राशि बचत कर सहारा इंडिया में जमा किया था कि समय पर काम आएगा मगर सभी अरमान पर सहारा इंडिया ने पानी…
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नीतीश कुमार की सरकार सामान्य मुस्लिम की नही अतिपिछड़े मुस्लिमों की है

"" मुस्लिम महिला तालिमी मुहिम ""  परिपत्र के कंडिका 2 से स्पष्ट है कि तालिमी मरकज़ सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल दिया गया।सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल दिया गया तो बिहार शिक्षा परियोज परिषद पटना द्वारा इस सम्बंध में परिपत्र भी निर्गत किया गया होगा।भारत सरकार द्वारा उक्त कार्यक्रम में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद को ग्रान्ट देना बन्द कर दिया गया तो तालिमी मरकज़ का संचालन 10 दिसम्बर 2012 से जन शिक्षा के नियंत्रणाधिन कर दिया और वर्ष 2013 में राज्य संपोषित योजना "महादलित अल्पसंख्यक एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना " (यहाँ अल्पसंख्यक से अभिप्राय सम्पूर्ण मुस्लिम जातियाँ है )  का प्रारंभ किया गया जिस में सभी पूर्व तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवक को "शिक्षा स्वयं सेवक "के रूप में रखने का प्रावधान किया गया और जहाँ तालिमी मरकज़ का संचालन नही हुआ था या शिक्षा स्वयं सेवी नही थे वहाँ बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा निर्गत तालिमी मरकज़ मार्गदर्शिका के अनुसार चयन करने की बात कही गई है । (यहाँ बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के उस तालिमी मरकज़ मार्…

माननीय मुख्यमंत्री बिहार के नाम खुला पत्र

सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री
बिहार सरकार पटना
माननीय शिक्षा मंत्री
बिहार सरकार पटना
मुख्य सचिव, बिहार सरकार पटना
प्रधान सचिव, शिक्षा विभाग
बिहार सरकार पटना
विषय:-निदेशक जन शिक्षा, शिक्षा विभाग बिहार पटना के पत्रांक 1088 दिनांक 19.05.2018 को निरस्त करने एवं तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वंय सेवक के सेवामुक्त की कार्रवाई पर रोक लगाने के संबंध में।
महाशय, निवेदन पूर्वक कहना है किमार्गदर्शिका की अनदेखी कर तालिमी मरकज़ में नियमतः बहाल अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य ज़ाति शिक्षा स्वयं सेवी को निदेशक जन शिक्षा,शिक्षा विभाग बिहार पटना ने मुखर आदेश निर्गत कर सेवा मुक्त करने का  आदेश अपने पत्रांक 1088 दिनांक 19.05.2018 के द्वारा ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी को दिया गया है।
साथ ही ज्ञापंक 1098 दिनांक 22.05.2018 निर्गत कर सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता को अल्पसंख्यक सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवक को सेवा मुक्त करने का आदेश दिया है।
महाशय,
बिहार में वर्ष 2008 में मुस्लिम समुदाय के 6 से 10 वर्ष के विद्यालय से बाहर के बच्चों को मुख्य धारा की शिक्षा प्रदान करने के लिए बिहार शिक्षा परियोजना पर…

निदेशक जन शिक्षा शिक्षा विभाग पटना के पत्रांक 1088 दिनांक 19 मई 2018 का अनुपालन नही, शिक्षा स्वयंसेवियों को अभी तक नहीं मिला कार्यरत अवधि का मानदेय

निदेशक जन शिक्षा ,शिक्षा विभाग बिहार पटना के पत्रांक 13/वी●03-50/2016- 1088 दिनांक 19 मई 2018 का अनुपालन ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी के द्वारा डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद नही किया गया है ।
निदेशक जन शिक्षा ने पत्र के विंदू 06 में स्पष्ट निर्देश दिया था कि सभी कार्यरत शिक्षा स्वयंसेवियों के कार्यरत अवधि का नियमानुसार मानदेय भुगतना किया जाए परन्तु सभी (जिस में मुख्य रूप से 21 ) शिक्षा स्वयंसेवियों को अभी तक कार्यरत अवधि का मानदेय भुगतान नही किया गया है जबकि निदेशक ने पत्र में उल्लेखित किया था कि दिशानिर्देशों का अनुपालन करते हुए एक पक्ष में पूर्ण अनुपालन प्रतिवेदन निदेशालय को प्राप्त कराने का आदेश ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी को दिया था।

अल्पसंख्यक समुदाय के सामान्य शिक्षा स्वयं सेवी से अपील

साथियों
जिन जिलों में स्पष्टीकरण की माँग की गई है अपना अपना स्पष्टीकरण मज़बूत साक्ष्य के आधार पर दें।
जैसे जिन का नियोजन पत्रांक 5344 दिनांक 13.10.2008के आलोक में हुआ उसका औऱ पत्रांक 2670 दिनांक 03.12.2012 का हवाला दें ।
जिनका नियोजन पत्रांक 2336 दिनांक 23 .12.2013 के आलोक में हुआ उसका हवाला दें।
जिनका नियोजन पत्रांक 3982 दिनांक  14.08.2009 से हुआ है वे पत्रांक 47 दिनांक 04.01.2011
का हवाला देते हुए दें।आपका साथी
मोहम्मद कमरे आलम
सीतामढ़ी
मोबाइल 9199320345

अल्पसंख्यक समुदाय के सामान्य शिक्षा स्वयं सेवी से अपील

साथियों
जिन जिलों में स्पष्टीकरण की माँग की गई है अपना अपना स्पष्टीकरण मज़बूत साक्ष्य के आधार पर दें।
जैसे जिन का नियोजन पत्रांक 5344 दिनांक 13.10.2008के आलोक में हुआ उसका औऱ पत्रांक 2670 दिनांक 03.12.2012 का हवाला दें ।
जिनका नियोजन पत्रांक 2336 दिनांक 23 .12.2013 के आलोक में हुआ उसका हवाला दें।
जिनका नियोजन पत्रांक 3982 दिनांक  14.08.2009 से हुआ है वे पत्रांक 47 दिनांक 04.01.2011
का हवाला देते हुए दें।आपका साथी
मोहम्मद कमरे आलम
सीतामढ़ी
मोबाइल 9199320345

वेतन के अभाव में अप्रशिक्षित शिक्षकों को D. EL. ED के सेकण्ड सेमेस्टर का निबंधन कराने में हो रही है परेशानी

वेतन के अभाव में अप्रशिक्षित शिक्षकों को D. EL. ED के सेकण्ड सेमेस्टर का निबंधन कराने में हो रही है परेशानीसीतामढ़ी ज़िला के परिहार प्रखण्ड के अप्रशिक्षित शिक्षकों को विगत दो महीनों से वेतन नही मिला है और तीसरा महीना समाप्ति की ओर है मगर वेतन नही मिल सका है मुसलमानों का ईद जैसा पर्व भी बीत गया लेकिन विभागीय अधिकारियों की उपेक्षा के कारण ईद उल फितर क़र्ज़ लेकर गुज़ारना पड़ा।वेतन  के अभाव में अप्रशिक्षित शिक्षकों को D. EL. ED के सेकण्ड सेमेस्टर का निबंधन कराने में भी  परेशानी हो रही है निबंधन की अंतिम तिथि 07 जुलाई निर्धारित है अगर वेतन नहीं मिला तो सिर्फ वेतन पर आधारित अप्रशिक्षित शिक्षक निबंधन कराने से भी वंचित रह सकते हैं।

मार्गदर्शिका की अनदेखी कर तालिमी मरकज़ में नियमतः बहाल अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य ज़ाति शिक्षा स्वयं सेवी को निदेशक जन शिक्षा ने सेवा मुक्त करने का दिया आदेश

मार्गदर्शिका की अनदेखी कर तालिमी मरकज़ में नियमतः बहाल अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य ज़ाति शिक्षा स्वयं सेवी को निदेशक जन शिक्षा ने सेवा मुक्त करने का  आदेश अपने पत्रांक 1088 दिनांक 19.05.2018 के द्वारा ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी सीतामढ़ी को दिया गया है।
बिहार में वर्ष 2008 में मुस्लिम समुदाय के 6 से 10 वर्ष के विद्यालय से बाहर के बच्चों को मुख्य धारा की शिक्षा प्रदान करने के लिए वैकल्पिक एवं नवाचारी शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत तालिमी मरकज़ का प्रारंभ किया गया था और तालिमी मरकज़ में नामांकित बच्चों को शिक्षा देने के लिए शिक्षा स्वयं सेवक की बहाली की गई थी। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना ने शिक्षा स्वयं सेवक की बहाली के लिए मार्गदर्शिका तैयार किया था और अपने पत्रांक AIE/92/2008-09 5344 दिनांक 13.10.2008 के साथ संलग्न कर बिहार के सभी जिला शिक्षा अधीक्षक सह ज़िला कार्यक्रम समन्वयक को भेजा गया था ।तालिमी मरकज़ मार्गदर्शिका में स्पष्ट था कि मुस्लिम समुदाय के सभी बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा सुनिश्चित करने के हेतु सामाजिक तथा आर्थिक रूप से अत्यंत पिछड़े मुस्लिम समुदाय के प्रत्येक गाँव टोला में तालिमी म…

बिहार में तालिमी मरकज़ का संचालन एक फीसदी भी धरातल पर नही

बिहार में तालिमी मरकज़ का संचालन एक फीसदी भी धरातल पर नही हो रहा है ।बिहार में तालिमी मरकज़ का संचालन जन शिक्षा, शिक्षा विभाग के अधीन संचालित है।जानकारों का कहना है कि यह योजना अल्पसंख्यक समुदाय के बीच शिक्षा का प्रचार प्रसार का कम अनुश्रवण, प्रबोधन मानदेय राशि प्राप्त करने का एक मात्र साधन है।योजना का लगाव ज़मीनी स्तर पर दूर - दूर तक नहीं है ।
तालिमी मरकज़ 10 दिसम्बर 2012 से दलित अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना के तहत जन शिक्षा विभाग के अन्तर्गत संचालित किया जा रहा है छः वर्षों में इस योजना पर अरबों रुपये खर्च किया जा चुका है मगर हक़ीक़त यह है कि अरबों रुपये खर्च करने के बावजूद इस योजना से शायद ही कोई मुस्लिम महिला लिखना पढ़ना सीख पाई होगी और मुस्लिम बच्चे को फायदा हुआ होगा। कमाल तो यह है कि अनुश्रवण और प्रबोधन के नाम पर भी अरबों रुपए खर्च कर दिया गया मगर कुछ हासिल नहीं।
जब यह योजना बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के तहत संचालित हुआ करता था तो तालिमी मरकज़  ज़मीनी स्तर पर दिखाई पड़ता था जबकि कोई अनुश्रवण और प्रबोधन नही होता था और न पानी की तरह पैसा ही बर्बाद किया जाता था।

तीस साल की मेहनत

_पिकासो (Picasso) स्पेन में जन्मे एक अति प्रसिद्ध चित्रकार थे। उनकी पेंटिंग्स दुनिया भर में करोड़ों और अरबों रुपयों में बिका करती थीं...!!__एक दिन रास्ते से गुजरते समय एक महिला की नजर पिकासो पर पड़ी और संयोग से उस महिला ने उन्हें पहचान लिया। वह दौड़ी हुई उनके पास आयी और बोली, 'सर, मैं आपकी बहुत बड़ी फैन हूँ। आपकी पेंटिंग्स मुझे बहुत ज्यादा पसंद हैं। क्या आप मेरे लिए भी एक पेंटिंग बनायेंगे...!!?'__पिकासो हँसते हुए बोले, 'मैं यहाँ खाली हाथ हूँ। मेरे पास कुछ भी नहीं है। मैं फिर कभी आपके लिए एक पेंटिंग बना दूंगा..!!'__लेकिन उस महिला ने भी जिद पकड़ ली, 'मुझे अभी एक पेंटिंग बना दीजिये, बाद में पता नहीं मैं आपसे मिल पाऊँगी या नहीं।'__पिकासो ने जेब से एक छोटा सा कागज निकाला और अपने पेन से उसपर कुछ बनाने लगे। करीब 10 मिनट के अंदर पिकासो ने पेंटिंग बनायीं और कहा, 'यह लो, यह मिलियन डॉलर की पेंटिंग है।'__महिला को बड़ा अजीब लगा कि पिकासो ने बस 10 मिनट में जल्दी से एक काम चलाऊ पेंटिंग बना दी है और बोल रहे हैं कि मिलियन डॉलर की पेंटिग है। उसने वह पेंटिंग ली और बिना कु…

Accidental Death* & *Compensation

*Accidental Death*  & *Compensation**(Income Tax Return Required)*अगर किसी व्यक्ति की accidental death होती है और वह व्यक्ति पिछले तीन साल से लगातार इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल कर रहा था तो उसकी पिछले तीन साल की एवरेज सालाना इनकम की दस गुना राशि उस व्यक्ति के परिवार को देने के लिए सरकार बाध्य है ।जी हाँ,
आपको आश्चर्य हो रहा होगा यह सुनकर लेकिन यह बिलकुल सही है
और
सरकारी नियम है ,
उदहारण के तौर पर अगर किसी की सालाना आय क्रमशः
पहले दूसरे और तीसरे साल    चार लाख,पांच लाख और छः लाख है
तो उसकी औसत आय पांच लाख का दस गुना मतलब पचास लाख रूपए उस व्यक्ति के परिवार को सरकार से मिलने का हक़ है।ज़्यादातर जानकारी के अभाव में लोग यह क्लेम सरकार से नहीं लेते हैं ।जाने वाले की कमी तो कोई पूरी नहीं कर सकता है लेकिन अगर पैसा पास में हो तो भविष्य सुचारू रूप से चल सकता है ।
अगर लगातार तीन साल तक रिटर्न दाखिल नहीं किया है तो ऐसा नहीं है कि परिवार को पैसा नहीं मिलेगा लेकिन ऐसे केस में सरकार एक डेढ़ लाख देकर किनारा कर लेती है लेकिन अगर लगातार तीन साल तक लगातार रिटर्न फ़ाइल किया गया है तो ऐसी स्थिति में केस ज़्यादा …