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Showing posts from 2018

छात्र/छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृति, पोशाक, पुस्तक राशि माता /पिता के बैंक एकाउंट में देने, छात्रों के बन्द कर दिए गए बैंक खातों को Active करने का आदेश सभी बैंकों को देने के सम्बंध में

सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री
बिहार सरकार पटनाज़िला पदाधिकारी
सीतामढ़ी
विषय:- छात्र/छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृति, पोशाक, पुस्तक राशि माता /पिता के बैंक एकाउंट में देने, छात्रों के बन्द कर दिए गए बैंक खातों को Active करने का आदेश सभी बैंकों को देने के सम्बंध में।
महाशय,
उपर्युक्त विषयक सम्बन्ध में अंकित करना है कि उक्त कार्यक्रम की राशि छात्र/छात्राओं के खाते में राशि हस्तांतरण के अनिवार्यता के कारण उक्त कार्यक्रम की राशि छात्र/छात्राओं को कई वित्तीय वर्ष से नही मिल पा रहा है कारण 18 वर्ष तक के बच्चों का बैंक खाता नही खुल पा रहा है।पूर्व में जिन बच्चों का बैंक खाता खुला था लेन- देन नही होने के कारण बैंक ने closed कर दिया है।
अतः निवेदन है कि उक्त योजना की राशि छात्रों के माता पिता के खाते में हस्तांतरण का आदेश दिया जाए साथ ही छात्रों के बन्द कर दिए गए बैंक खातों को Active करने का आदेश सभी बैंकों को देने की कृपा करें।विश्वास भाजनमोहम्मद कमरे आलम
एकडण्डी, परिहारज़िला सीतामढ़ी 843324
मोबाइल 9199320

परिशिष्ट 1 में शामिल 19 शिक्षा स्वयं सेवकों से जाँच प्रतिवेदन भेजवाने के नाम पर प्रति स्वयं सेवक से बीस हजार रुपये की अवैध वसूली। जाँच के नाम पर खाना पूरी

सेवा में,
निदेशक जन शिक्षा
शिक्षा विभाग बिहार पटना ।विषय:- परिशिष्ट 1 में शामिल 19 शिक्षा स्वयं सेवकों से जाँच प्रतिवेदन भेजवाने के नाम पर प्रति स्वयं सेवक से बीस हजार रुपये की अवैध वसूली।
जाँच के नाम पर खाना पूरी ।महाशय,सीतामढ़ी ज़िला अन्तर्गत वर्ष 2016 में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी के द्वारा शिक्षा स्वयं सेवकों का चयनोंप्रांत प्रशिक्षण देकर केंद्र संचालित किया गया था और मानदेय भुगतान मद में निदेशक जन शिक्षा पटना से आवंटन की माँग की गई थी आवंटन तो नही भेजा गया चयन प्रक्रिया की जाँच का पत्र उप सचिव शिक्षा विभाग बिहार पटना द्वारा पत्रांक 2423 दिनांक 20.09.2017 जो ज़िला पदाधिकारी सीतामढ़ी को संबोधित था।जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी ने जाँच हेतु तीन सदस्यीय जाँच टीम बना कर जाँच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।  परिशिष्ट 1 में शामिल 19 शिक्षा स्वयं सेवकों से जाँच प्रतिवेदन भेजवाने के नाम पर प्रति स्वयं सेवक से बीस हजार रुपये की अवैध वसूली जिला तालिमी मरकज़ संघ सीतामढ़ी के  पदाधिकारियों के द्वारा की गई है और दी गई है।
जाँच टीम ने जाँच के नाम पर सिर्फ खाना पूरी की गई चयन प्रक्…

ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता को दिए जाने वाले आवेदन का नमूना

सेवा में,
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता
ज़िला -------------विषय :-तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी, सेवा समाप्ति के विरुद्ध पटना उच्च न्यायालय में मामला लम्बित होने के कारण नई चयन प्रक्रिया को तत्काल स्थगित रखने के सम्बंध में।
महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि आपके द्वारा सामान्य जाति होने के कारण मेरी सेवा पत्रांक -------------- दिनांक ------------ के द्वारा समाप्त कर दी गई है सेवा समाप्ति के विरुद्ध हमारे द्वारा पटना उच्च न्यायालय में न्याय प्राप्ति हेतु मुक़दमा दायर किया गया है जिसका टोकन नम्बर -------------- केस नम्बर ---------- है।
केस फ़िलहाल उच्च न्यायालय पटना में लम्बित है।प्राप्त जानकारीनुसार रिक्त पदों पर नई चयन प्रक्रिया शुरू की जा रही है।अतः श्रीमान से विनम्र निवेदन है कि हमारे रिक्त पद को न्याय आदेश आने तक नए  चयन से मुक्त रखने की कृपा करें।इस शुभ कार्य के लिए हम सदा आभारी रहेंगें।आवेदन के साथ टोकन नम्बर / केस नम्बर का प्रिंट आउट संलग्न है।विश्वास भाजन
नाम
पूरा पता :-

अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी की सेवा बहाल रखने / बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित करने/चयन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने तथा निर्गत मार्गदर्शिका में संशोधन करने के संबंध में।

सेवा में,
श्री नीतीश कुमार
माननीय मुख्यमंत्री,बिहार
विषय :- अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी की सेवा बहाल रखने / बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित करने/चयन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने तथा निर्गत मार्गदर्शिका में संशोधन करने के संबंध में।
महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा मुसलमानों की सामाजिक, आर्थिक शैक्षणिक पिछड़ेपन को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के 06 से 10 वर्ष के बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु वर्ष 2008 में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के द्वारा वैकल्पिक एवं नवाचारी शिक्षा कार्यक्रम अंतर्गत राज्य में ""तालीमी मरकज़ "का प्रारंभ किया गया था ।
बाद में संशोधित कर वर्ष 2009 में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया ।
पुनः सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल दिया गया था।
1.तालीमी मरकज़ पर नामांकित मुस्लिम बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा देने के लिए आर्थिक तथा सामाजिक आधार की बुनियाद पर, शिक्षा स्वंय सेवक के रूप में सम…

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर बिहार सरकार ने किया आज छुट्टी का एलान, सात दिनों के शोक की घोषणा

महादलित, दलित अल्पसंख्यक अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "के नियमावली में संशोधन कर सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए लागू करने के साथ पूर्व नियोजित सामान्य शिक्षा स्वयं सेवकों को पूर्वत बहाल रखा जाए :- मोहम्मद कमरे आलम

"महादलित, दलित अल्पसंख्यक अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना " के कंडिका 1(2) में अंकित किया गया है कि साक्षरता और शिक्षा में पिछड़ेपन के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय एवं वर्ग में शिक्षा और साक्षर बिहार के लिए चुनौती है।
नोट :-सामाजिक औरआर्थिक रूप से "पिछड़े समुदाय मुस्लिम " में नही बल्कि सामान्य मुस्लिम में शिक्षा और साक्षरता बिहार में चुनौती है।
2011के जनगणना से सामान्य मुस्लिम समुदाय के आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक स्थिति का आंकलन किया जा सकता है।
सामान्य जातियों के उत्थान के लिए बनी उच्च आयोग बिहार पटना ने भी कहा था कि सरकार द्वारा संचालित तालीमी मरकज़ का लाभ उच्च जाति के आर्थिक रूप से कमज़ोर लोग इसका लाभ ले सकते हैं परन्तु वर्तमान में तालीमी मरकज़ में बहाल सामान्य मुस्लिम समुदाय के शिक्षा स्वयं सेवकों को हटा दिया गया है और नई नियामवली एवं सेवाशर्त निर्गत कर इस योजना को परिशिष्ट 1में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर सामान्य जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े  मुस्लिम को योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया है।
उन्होंने सरकार से माँग क…

चित्र कोना

अरसलान बाबू

श्री शशि भूषण सिंह पटना हाई कोर्ट के विद्वान अधिवक्ता जो अपनी क़ाबलियत के बल पर इंसाफ का परचम लहरा रहे हैं

श्री शशि भूषण सिंह पटना हाई कोर्ट के विद्वान अधिवक्ता हैं इनका शुमार पटना हाई कोर्ट में एक अच्छे वकील के रूप में की जाती है ये आरा ज़िला के रहने वाले हैं जिन्होंने अपनी मेहनत ,लगन और ईमानदारी के बदौलत जिस केस को अपने हाथ में लिया उस में कामयाबी हासिल की है।ये मिलन सार, खुश मिज़ाज और ग़रीब प्रवर स्वभाव के मालिक हैं।इनकी एक बहुत बड़ी खूबी यह है कि इनको केस देने के बाद petitioner को हाई कोर्ट का चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं रहती है ये खुद वकील के साथ- साथ केस के पार्टी बन काम करते हैं जो बहुत कम Advocate में देखने को मिलता है इनकी सबसे बड़ी खूबी विरोधी पार्टी इनको किसी तरह किसी मामले में हिला नही सकता है।

सामान्य जाति के होने के कारण मानदेय वाली भी नौकरी सामान्य जाति मुस्लिमों से छीन कर बेरोज़गार कर देना मुनासिब नहीं :- मोहम्मद कमरे आलम

सामान्य जाति के होने के कारण मानदेय वाली भी नौकरी सामान्य जाति मुस्लिमों से छीन कर बेरोज़गार कर देना मुनासिब नहीं :- मोहम्मद कमरे आलमबिहार सरकार द्वारा तालीमी मरकज़ में बहाल सामान्य जाति के मुसलमानों की नौकरी सिर्फ सामान्य जाति होने की वजह से छीन ली है। सामान्य जाति के होने के कारण मानदेय वाली भी नौकरी सामान्य जाति के मुस्लिमों से छीन कर बेरोज़गार कर देना मुनासिब नहीं है ये बातें मोहम्मद कमरे आलम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही है।
उन्हों ने कहा कि क्या बिहार सरकार का यही " न्याय के साथ विकास " सब का साथ सब का विकास है ?
सेवा से हटा दिए गए सभी तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवकों (सामान्य मुस्लिम) को अनौपचारिक अनुदेशकों की तरह बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर समायोजित किया जाये।

बिहार के विभिन्न जिलों में निवास करने वाले शैख़ (मुस्लिम) जाति को परिशिष्ट 1 में शामिल किया जाए :- मोहम्मद कमरे आलम

सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री
बिहार ।
विषय :- बिहार राज्य में निवास करने वाले मुस्लिम शैख़ जाति को परिशिष्ट 1 में सम्मिलित करने के संबंध में।
महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि बिहार के विभिन्न जिलों में निवास करने वाले शैख़ जाति की आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक स्थिति बहुत ही दयनीय हो चुकी है जो आर्थिक जनगणना के आंकड़ों से भी स्पष्ट है।हर क्षेत्र में दयनीय स्थिति होने के कारण समाज में भी तिरस्कृत निगाहों से देखा जाने लगा है। शैख़ जाति के लोगों को "सेखवा " तक बोला जाने लगा है।
           अतः माननीय मुख्यमंत्री बिहार से अनुरोधहै कि शैख़ (मुस्लिम) जाति को परिशिष्ट 1 में शामिल करने की कृपा करें ताकि शैख़ जाति का भी आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक विकास हो।विश्वास भाजन
मोहम्मद कमरे आलम
एकडण्डी, परिहार
ज़िला सीतामढ़ी पिन 843324
मोबाइल 9199320345

माननीय मुख्यमंत्री बिहार के नाम खुला पत्र

सेवा में,
महामहिम राज्य पाल
बिहार सरकार पटना
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श्री नीतीश कुमार
माननीय मुख्यमंत्री,बिहार
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माननीय शिक्षा मंत्री
बिहार सरकारद्वारा :- ज़िला पदाधिकारी ______विषय :- अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी की सेवा बहाल रखने / बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित करने के संबंध में।
महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा मुसलमानों की सामाजिक, आर्थिक शैक्षणिक पिछड़ेपन को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के 06 से 10 वर्ष के बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु वर्ष 2008 में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के द्वारा वैकल्पिक एवं नवाचारी शिक्षा कार्यक्रम अंतर्गत राज्य में ""तालीमी मरकज़ "का प्रारंभ किया गया था ।
बाद में संशोधित कर वर्ष 2009 में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया ।
पुनः सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल दिया गया था।
1. तालीमी मरकज़ पर नामांकित मुस्लिम बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा देने के लिए आर्थिक तथा सामाजि…

माननीय मुख्यमंत्री बिहार के नाम खुला पत्र

माननीय मुख्यमंत्री बिहार के नाम खुला पत्र
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श्री नीतीश कुमार
माननीय मुख्यमंत्री,बिहार
विषय :- अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी की सेवा बहाल रखने या बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजन करने के संबंध में।
महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा मुसलमानों की सामाजिक, आर्थिक पिछड़ेपन को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के 06 से 10 वर्ष के बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2008 में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के द्वारा वैकल्पिक एवं नवाचारी शिक्षा कार्यक्रम अंतर्गत राज्य में ""तालीमी मरकज़ "का प्रारंभ किया गया था जिसे बाद में संशोधित कर वर्ष 2009 में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया फिर पुनः सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल दिया गया था।
1.तालीमी मरकज़ पर नामांकित मुस्लिम बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा देने के लिए शिक्षा स्वंय सेवक के रूप सम्पूर्ण बिहार में सामान्य जाति के लोगों का भी नि…

छात्र -छात्राओं को नही मिला पोशाक , छात्रवृति की राशि

छात्र -छात्राओं को नही मिला पोशाक और छात्रवृति की राशिपरिहार सीतामढ़ी।परिहार प्रखण्ड के प्राथमिक  और मध्य विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र - छात्राओं को आज तक वित्तीय वर्ष 2016 - 2017 ,2017 -2018 का पोशाक और छात्रवृति राशि उनके  खाते में /अभिभावकों के खाते में हस्तांतरित नही की गई है।
लेकिन  प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी परिहार के स्तर से कोई कार्रवाई देखने को  नहीं मिल रहा है ।