ब्राह्मणवाद हो बर्बाद.....
हो बर्बाद...... हो बर्बाद !
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आज आरक्षण बचाओ संघर्ष मोर्चा के संयोजक नागेंद्र कुमार पासवान ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कॉलेज यूनिवर्सिटी में व्याप्त जाति भेदभाव को रोकने के लिए यूजीसी कानून को ब्राह्मणवादी मानसिकता के लोग विरोध कर लागू नहीं होने देना चाहता है।
भाजपा के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने खुद को जाति के भूमिहार ब्राह्मण बताते हुए ब्राह्मण महत्ता प्रमाणित करने के लिए कृष्ण-सुदामा की काल्पनिक कहानी सुनाकर लोगों को दिग्भर्मित करता है
हमलोग एक सिद्धांत के तौर पर ब्राह्मणवाद का विरोध करते हैं ब्राह्मण जाति की बात नहीं करते हैं। दरअसल ब्राह्मणवाद और ब्राह्मण जाति एक नहीं हैं। ब्राह्मणवाद एक सिद्धांत है जो जन्म के आधार पर समाज में व्यक्ति का स्थान तय करता है और जाति श्रेष्ठता की अहंकार को मजबूत करता है इस सिद्धांत के अनुसार व्यक्ति के गुण या उसकी योग्यता के आधार पर समाज में उसका स्थान तय नहीं होता है।
मेरे ब्राह्मणवाद का आशय कपटी दलित विरोधी द्रोणाचारी मानसिकता से है ।
अभिजात्य सामंतवादी डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को महाभारत के एकलव्य और द्रोणाचार्य की कथा मालूम है या नहीं, कैसे जाति के कारण शिक्षा से वंचित करने के लिए एकलव्य का अंगूठा काट लिया था। महाभारत के पूर्व वाल्मिकी रामायण में भी ब्राह्मणवादी कलुषित मानसिकता के दुष्ट प्रवृति के तथाकथित राम द्वारा महर्षि शंम्बूक की हत्या की कथा भी जग जाहिर है।
आज भी वही मानसिकता बनी हुई है, इसी मानसिकता ने रोहित वेमुला और डॉक्टर पायल तड़वी,रोहित सोलंकी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया है। राष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करने वाले वंचित तबके के छात्रों को इतना अपमानित और जलिल करता है कि उनमें से कुछ इसे सहन नहीं कर पाते हैं और आत्महत्या करने को मजबूर हो जाते हैं। यही ब्राह्मणवादी मानसिकता अपराध कुकृत्य पर पर्दा डालने, गैर बराबरी को बढ़ावा देने एवं दलितों के साथ भेदभाव उसका शोषण को कानूनी रूप प्रदान करने की नीयत से चांडाल ब्राह्मणवादी लोग UGC के नये नियमों के विरोध में सड़कों पर संघर्ष कर रही है।
सर्वोच्च न्यायलय संविधान का रखवाला होता है, पार्लियामेंट कानून बनाता है और न्यायलय उसे कार्यान्वित करता है ना कि सदन को निर्देशित करेगा। कॉलेजियम पद्धति से असंवैधानिक तरीका से मनोनीत एक ही जाति विशेष के अयोग्य जजों द्वारा नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध UGC समता बिल पर stay oredr लगाकर लोकतंत्र की हत्या किया है।
श्री पासवान ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय जब तलक stay oredr वापस नहीं लेता है, तब तक मोर्चा चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेगा।
ब्राह्मणवाद के छाती पर... फुले , बिरसा, अंबेडकर..!
जय भीम, जय अम्बेडकर
जय भारत जय संविधान।
नागेंद्र कुमार पासवान, संयोजक
आरक्षण बचाओ संघर्ष मोर्चा
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