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झारखंड के दुमका प्रमंडल की पुलिस का गौरक्षा के नाम पर आतंक

मुसलामानों के विरुद्ध नफरत एवं अन्याय का पाठ पढने वालों के हाथों में जब हिंदुत्व के मुद्दे पर सत्ता हो तो उसकी क्रूरता एवं दबंगई को कौन रोक सकता है : यहाँ हम आपको दुमका प्रमंडल की पुलिस की गाय के नाम पर गुंडागर्दी की आँखों देखी तस्वीर पेश करते हैं (यह सच घटना पर आधारित है और मुस्तकीम सिद्दीकी के भावनाओं से जुडी है ):

एक सप्ताह पहले मिन्हाज़ अंसारी को गाय के नाम पर दुमका प्रमंडल की पुलिस ने पुलिस थाने में इतनी द्रन्द्गी , क्रूरता एवं अमानवीय तरीके से पिटती है के हॉस्पिटल में उसकी मौत हो जाती है , लेकिन दुमका प्रमंडल की पुलिस गाय के नाम पर किस तरह गुंडागर्दी कर रही है अगर इसके विरुद्ध हम आज आवाज़ नही उठाएंगे तो मिन्हाज़ अन्सारी की तरह कितनी माएं अपनी जवान बेटे को खो देगी | यहाँ हम आपको दुमका प्रमंडल की पुलिस की गाय के नाम पर गुंडागर्दी की आँखों देखी तस्वीर पेश करते हैं :

आज से लगभग डेढ़ महीने पहले 26 अगस्त 2016 को रात्री 3:45 बजे मेरा एक मित्र अख्तर हुसैन मुझे फोन करता है के आप कहाँ हों और किया कर रहे हो , चुनके मैं रात में लम्बे सफ़र से आकर थका गहरी नींद में घर पर सो रहा था, गुस्से में मैंने जवाब दिया सब्जी मंडी में बैगन खरीद रहा हूँ लेकिन उसने मेरी गुस्से भरी बातों को नज़र अंदाज़ करते हुए बड़े गंभीर होकर बोला के मैं आपके घर पर 15 मिनट में पहुँच रहाँ हों आप को पुलिस स्टेशन चलना है चुनके आपके मित्र रजा मुराद खान और कुछ साथियों को पुलिस ने गौ तस्कर के आरोप में पकड़ कर देवघर जिला (झारखंड) के सारठ थाना में बंद रखा हुआ है | इससे पहले की मैं कुछ समझ पता मुझे लगातार उनके घर वालों और रिश्तेदारों के फ़ोन आने शुरू हो गए के ऐसा कैसे हो सकता है के रजा मुराद खान गौतस्करी कराये और मैं भी बहुत अचंभित था के रजा मुराद खान ऐसा काम कर ही नही सकता है तो फिर पुलिस ने उसे क्यूँ , कहाँ और कैसे गिरफ्तार किया ,  फिर भी मैंने फ़ौरन अधिकारिक पुष्टी कर ली और जब पुलिस उपाधीक्षक से इस बारे में बात किया के आप की पुलिस ने झुटा आरोप लगा कर गिरफ्तार किया है , अत: उन्हें छोड़ दिया जाए तो पुलिस उपाधीक्षक क्रोधित होकर इस तरह फटकार लगा रहां था जैसे हम उनकी अपनी अम्मा के कातिल को छोड़वाने की बात कर रहे है| सुबह सवेरे हम पुलिस स्टेशन जा कर थाना प्रभारी को समझाने की कोशिश कर रहे थे के यह लोग गौतस्कर नहीं है लेकिन थाना प्रभारी भी अनाप सनाप तरीके से बेहूदगी पर उतर आया था और वर्दी की गर्मी को हम पर निकालने की धमकी देने लगा , हमने साफ़ साफ़ शब्दों में उन्हें संदेश दे दिया के अगर वह गलत तरीके से मुझ पर या हमारे लोगों पर किसी भी तरीके का अत्याचार करेगी या अपनी शक्ती का दुरूपयोग हमारे लोगों या मुझ पर करने की कोशिश करेंगे तो थाने पर हजारों की भीड़ इकट्ठा हो कर पुलिसिया अत्याचार एवं दबंगई को बेनकाब कर देगी और यह आन्दोलन का रूप ले लेगी |

थाना प्रभारी मेरे बातों को गंभीरता से लेते हुए बोला के हम जानते हैं के यह लोग गौतस्कर नही हैं फिर भी मुझे पुलिस उपाधीक्षक ने कुछ लोगों को गौतस्कर के नाम पर पकड़ने का आदेश दिया है , इसलिए हमारी मजबूरी है के हमें जो भी रास्ते में मिले उसे गौ तश्कर समझ कर गिरफ्तार कर लेते है |

इसी बिच इस झूटे आरोप को इतना गंभीर एवं सन्वेदनशील बना दिया गया के कुछ ही घंटों में यह संप्रादायीक रूप ले चुका था और झारखंड राज्य के कृषी मंत्री श्री रणधीर सिंह जो उसी छेत्र से आते हैं उसकी भूमिका इस झूटे बेबुनियाद मुद्दे को अशांत रूप धारण करवाने की ओर बढ़ चुका था हालांकी उसी छेत्र से चुन्ना सिंह जैसे जमीनी नेता का बहुत ही सराहनीये योगदान रहा और थाने पर जाकर खुद इस बात की पुष्टी की के रजा मुराद खान एक समाजसेवी एवं अच्छी छवी का व्यक्ती है , अत : इनलोगों को गलत तरीके से पुलिस फ़साने का षडयंत्र न रचे लेकिन मुसलामानों के विरुद्ध नफरत एवं अन्याय का पाठ पढने वालों के हाथों में जब हिंदुत्व के मुद्दे पर सत्ता हो तो उसकी क्रूरता एवं दबंगई को कौन रोक सकता है , उसके शातिर ब्र्ह्मंवादी विचारों को कौन बदल सकता है शकील बदायुन्वी के शब्दों में :
हालात मिटा दे हाथों की तहरीर बहुत ही मुस्किल है |
तदबीर बदल दे इंसान की तक़दीर बहुत ही मुश्किल है |

यह जानते हुए के मेरे दोस्त एवं कुछ और लोगों को मुसलमान होने के नाते एक षडयंत्र कर गौतस्कर के रूप में फसाया जा रहा है , उन्हें मुसलमान होने की सजा दी जा रही हैं , उसे शातिर ब्र्ह्मंवादी के शाज़िशों का शिकार होना पड़ रहा है और मैं कुछ भी करने में असहाय हूँ तब पुरे शांत मन एवं ठंडे विचार से मैंने फैसला लिया के हम इस षडयंत्र का पर्दा जल्द ही फास करेंगे और गौतस्कारों में जो लोग भी संलिप्त है उसके ठिकानों का पता लगा कर सच्चाई सामने लायेंगे अन्यथा मेरे मित्र की तरह न जाने कितने ओर युवक इस तरह बली का बकरा बनता रहेगा | लेकिन सबसे पहले मैंने फैसला किया के कानूनी तरीके से अपने मित्र का बेल कराया जाए चुनके इनके ऊपर पश्चिम बंगाल के रस्ते बंगलादेश में अवैध रूप से गौतस्कारी , पशु उत्पीडन , पशु हत्या , पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत कई आरोप लगाकर देवघर जेल भेज दिया गया था | राजा मुराद खान को उनके सामाजिक कार्यों के आधार पर ३० अगुस्त २०१६ को यानी ३ दिनों के अन्दर ही बेल दे दिया गया |

(रजा मुराद खान प्रस्तावित मैथन यूनिवर्सिटी एवं अल अंसार फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष हैं एवं Mustaqim Siddiqui के मित्र हैं |)

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