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भारत का राष्ट्रीय प्रतिक

भारत का राष्ट्रीय ध्वज - तिरंगा
भारत का राष्ट्रीय गान - जन-गन-मन
भारत का राष्ट्रीय गीत - वन्दे मातरम्
भारत का राष्ट्रीय चिन्ह - अशोक स्तम्भ
भारत का राष्ट्रीय पंचांग - शक संवत
भारत का राष्ट्रीय वाक्य - सत्यमेव जयते
भारत की राष्ट्रीयता - भारतीयता
भारत की राष्ट्र भाषा - हिंदी
भारत की राष्ट्रीय लिपि - देव नागरी
भारत का राष्ट्रीय ध्वज गीत - हिंद देश
का प्यारा झंडा
भारत का राष्ट्रीय नारा - श्रमेव जयते
भारत की राष्ट्रीय विदेशनीति -गुट निरपेक्ष
भारत का राष्ट्रीय पुरस्कार - भारत रत्न
भारत का राष्ट्रीय सूचना पत्र - श्वेत पत्र
भारत का राष्ट्रीय वृक्ष - बरगद
भारत की राष्ट्रीय मुद्रा - रूपया
भारत की राष्ट्रीय नदी - गंगा
भारत का राष्ट्रीय पक्षी - मोर
भारत का राष्ट्रीय पशु - बाघ
भारत का राष्ट्रीय फूल - कमल
भारत का राष्ट्रीय फल - आम
भारत की राष्ट्रीय योजना - पञ्च वर्षीय योजना
भारत का राष्ट्रीय खेल - हॉकी
भारत की राष्ट्रीय मिठाई - जलेबी
भारत के राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) और 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस)

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तालिमी मरकज़ के शिक्षा स्वयं सेवक राजनीती का शिकार न बने

बिहार प्रदेश के सभी तालिमी मरकज़  साथियों  व्हाट एप्प पर बिना मतलब बहस ,इल्ज़ाम तराशी से कुछ हासिल होने वाला हो तो बतलाये ।इस फालतू के बहस से कुछ हासिल होने को नही है लिहाज़ा खामखा के बहस से बचा जाये।
तालिमी मरकज़ हों या उत्थान केंन्द्र के साथी सभों की ख्वाहिश है कि उनको सरकार राज्य कर्मी घोषित कर वेतनमान दे मगर ज़रा सोचें क्या सरकार ये माँग  तालिमी मरकज़ और उत्थान केंन्द्र को देने जा रही है ?
सोचने वाली बात ये है कि जब सरकार तालिमी मरकज़ और उत्थान केंन्द्र के कर्मी को निविदा कर्मी और नियोजित मानने को तैयार नही -------
ऐसे हालात में हमारे तालिमी मरकज़ के साथी ये भ्रम पाले हुए हैं कि सरकार निश्चय यात्रा के खात्मा पर तश्त में पेश कर बहुत बड़ी चीज पेश करने जा रही है इस लिए सरकार के सामने सांकेतिक तौर पर भी बैठक कर अपनी कोई माँग न रखें। और तरह तरह के मिसाल पेश कर डराया जा रहा है जो ग़ैर मुनासिब है।
आप ये कान खोल कर सुन लें आप की सेवा 60 साल होगी ये संकल्प में नही बल्कि सरकार का ये कहना है कि 60 साल तक सेवा लेगी।आपने जो अपने ख्वाब व ख्याल में पाल रखा है क्या वह बिना क़ुर्बानी के हासिल किया जा सकता है…

शिक्षक भिखारी महतो जिसने इन्दरवा विद्यालय की तस्वीर बदल दी

रितु जायसवाल एक सरकारी विद्यालय और एक शिक्षक ऐसा भी!
बिहार! एक ऐसा राज्य जो अपनी ऐतिहासिक गौरवगाथा के साथ साथ सरकारी शिक्षा तंत्र के बदहाली केलिए भी जाना जाता है। प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा, सब के हालात दयनीय। माने न माने पर यह एक हकीकत है जिससे न मानने वाले भी अंदर ही अंदर सहमत होते हैं। कोशिश में लगी रहती हूँ की कम से कम पंचायत की मुखिया हूँ तो अपने पंचायत में शिक्षा की तस्वीर बदले पर बदलना तो दूर, तस्वीर बनती तक नहीं दिख रही। अपने पंचायत में जब विद्यालय नहीं मिला (विद्यालय हकीकत में तो खाना खाने का मेस बन गया है) तब थक कर ढूंढने निकली की कहीं तो कोई शिक्षक या विद्यालय होगा जहाँ हकीकत में बच्चों को "विद्यालय" और "शिक्षक" जैसे महान शब्द का मतलब का एहसास होता होगा। तो इस तलाश में मुलाक़ात हुई सोनबरसा के एक पत्रकार बीरेंद्र जी से जो जब मिलते थे तब यही कहते थे की इंदरवा स्कुल देखने कब चलिएगा? इस प्रश्न में उनकी उत्सुकता देखने योग्य रहती थी जैसे वो कुछ बड़ा ही अद्भुत चीज़ दिखाना चाहते हों। 4 से 5 बार उन्होंने कहा पर किसी न किसी कारण से नहीं ही जा पाई। पर आखिरकार एक दि…

Breaking News :-विधुत के ज़द में आने से लाईन मैन अनिल कुमार सिंह की मौत

परिहार सीतामढ़ी।परिहार चौक से दक्षिण परिहार क़ब्रिस्तान के निकट ट्रांसफॉर्मर पर फ्यूज़ ठीक करने के दौरान विधुत के ज़द में आने से लाईन मैन अनिल कुमार सिंह की मौत हो गई ।बताया जाता है कि अंसारी मुहल्लाह का फेज़ डाऊन चल रहा था उसी को ठीक करने के लिए सिरसिया फीडर से शॉर्ट डाऊन लेकर ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ा था ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ने के कुछ ही देर बाद लाईन दे देने के कारण करेंट लगने से मौके ए वारदात पर ही मौत हो गई।अनिल कुमार सिंह सहरगमा निवासी काफी मिलन साल आदमी थे इनके दर्दनाक मौत से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और देखने के लिए चारों तरफ से लोग दौड़ पड़े