यूजीसी समता बिल के समर्थन में विशाल धरना प्रदर्शन।
(सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थगन आदेश वापस नहीं लेने पर 2 अप्रैल को भारत बंद का आह्वान)
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
सीतामढ़ी/17 मार्च 2026
राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत आरक्षण बचाओ संघर्ष मोर्चा सीतामढ़ी के तत्वाधान में यूजीसी समता बिल लागू करने,सभी धर्म के सभी जातियों की जातिगत जनगणना करने ,हाई कोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के जजों की बहाली परीक्षा के माध्यम से करने, आरक्षित श्रेणी के खाली पड़े बैकलॉग सीट को भरने एवं अनुसूचित जाति ,जनजाति, पिछड़ा ,अति पिछड़ा एवं कमजोर वर्गों के साथ शोषण एवं अत्याचार पर रोक लगाने की पांच सूत्री मांगों के समर्थन में जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर स्मारक स्थल डुमरा, सीतामढ़ी में विशाल धरना प्रदर्शन मोर्चा के जिला संयोजक नागेंद्र कुमार पासवान की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। संचालन प्रो शशिभूषण प्र सिंह ने किया।
धरना को संबोधित करते हुए राज किशोर सिंह कुशवाहा, पूर्व विधान पार्षद ने मोर्चा के सभी मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि आजादी के बाद पहली बार भारत सरकार ने जाति ,धर्म ,नस्ल, लिंग एवं विकलांगता के आधार पर उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति, जनजाति ,पिछड़ा ,अति पिछड़ा एवं अन्य कमजोर वर्गों के नामांकन एवं नियुक्ति सह नियोजन में जातीय भेदभाव एवं मानसिक उत्पीड़न को रोकने के लिए भारत सरकार द्वारा यूजीसी समता बिल 2026 लागू किया गया। जो देश के कमजोर एवं वंचितों के हित में है। लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ मुट्ठी भर लोगों द्वारा इस बिल का विरोध का आधार मानकर माननीय सुप्रीम कोर्ट के द्वारा उक्त बिल पर तत्काल रोक लगाने के फैसलों से बहुसंख्यक 90% बहुजन समाज के साथ नाइंसाफी हुई है। उन्होंने माननीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से देश हित में स्थगन आदेश को वापस लेकर यूजीसी बिल को लागू रखने की मांग की।
संतोष आंबेडकर, प्रदेश उपाध्यक्ष भीम आर्मी ने कहा कि प्रतिनिधित्व विहीन न्यायपालिका लोकतंत्र के नाम पर धोखा है ।उन्होंने उच्च एवं उच्चतम न्यायालय के जजों की बहाली परीक्षा के माध्यम से करने की मांग की।
राजेंद्र चंद्रवंशी, जिलाध्यक्ष, उपेक्षित अति पिछड़ा वर्ग संघ ने कहा कि जाति जनगणना होने से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर समावेशी विकास से दूर जातियों को देश के विकास के मुख्य धारा में लाने के लिए आवश्यक कानून बनाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने सरकार से सभी धर्म के सभी जातियों की जातिगत जनगणना कराने की मांग की।
कौशल किशोर यादव, पूर्व जिला पार्षद ने आरक्षित वर्गों के वर्षों से लाखो खाली पड़े बैकलॉग सीट पर विशेष अभियान चला कर नियुक्ति करने की मांग की।
नवल किशोर राउत, जिला पार्षद ने कहा कि देश के 90% आबादी का न्याय के लिए मशाल जल चुका है,। बाधक बनने इस मशाल की लौ में जलकर राख हो जाएंगे।
धरना में सर्व समिति से निर्णय लिया गया कि सुप्रीम कोर्ट यदि यूजीसी बिल के स्थगन आदेश वापस नहीं लेती है तो पूर्व की तरह 2 अप्रैल को भारत बंद का समर्थन करते हुए जिले को पूर्णत बंद किया जाएगा।
धरना के अंत में मोर्चा के पांच सदस्य प्रतिनिधि मंडल महामहिम राष्ट्रपति एवं मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट के नाम यूजीसी समता बिल लागू करने सहित उक्त पांच सूत्री मांगो का ज्ञापन जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी को सौंपा।
धरना में आंबेडकर कल्याण छात्रावास, कर्पूरी छात्रावास, कुशवाहा छात्रावास, पटेल छात्रावास, यादव छात्रावास, सुरी छात्रावास, धानुक छात्रावास सहित विभिन्न सामाजिक वर्गों के एडवोकेट दिनेश प्रसाद यादव, भरत चंद्रवंशी जिला परिषद,रतन बैठा, संजय पासवान, राजू पासवान अध्यक्ष भीम आर्मी, राजेंद्र साह, महेश्वर बैठा, सुनील कुमार, मुनिलाल राम, रणधीर कुमार,विक्की बौद्ध,राम जुलम सिंह कुशवाहा, जीवनाथ राम, उमेश पासवान, मनोहर सिंह, प्रेम पासवान, लक्ष्मण प्रसाद ,रामजनीश राम, फूल कुमारी देवी, बेगम शाहिदा खातून,सुरेश चौधरी,बेचन पटेल, विकास पासवान, शंभू पंडित, राहुल मंडल,प्रोफेसर योगेंद्र मंडल, जय नंदन मंडल, बबलू शर्मा,गणेश शर्मा, बृजेश महतो, धनंजय साहनी,सुनील मुखिया सुभाष कापर , पांडव महतो, गोविंद दास शिवनाथ चौपाल, लखन ठाकुर, सीताराम ठाकुर, संजीत राउत, आशेश्वर राय, विक्की पटेल, जाकिर अंसारी, बसीर राइन, अख्तर मंसूरी, अरमान नट, सत्यजीत गुप्ता, अभिषेक राम, आंबेडकर कुमार, सुधीर चौरसिया, सत्यम बारी, मोहन बेलदार, सुधीर पाल, गौरव भंडारी, मनोहर सिंह, साजन कुमार, दीपेश मुखिया, वरुण मंडल सहित सैकड़ो लोग उपस्थित थे।
0 टिप्पणियाँ