जानवरों और परिंदों से मोहब्बत करो

एक बार आप मुहम्मद साहब(सल्ल्लाह अलैहे व सल्लम) किसी सफर में जा रहे थे एक ऐसे मक़ाम पर पड़ाव किया जहानं परपरिंदों ने अंडा दिया था एक आदमी ने वह अंडा उठा लिया, चिड़िया बेक़रार हो कर पर् मार रही थी आप मुहम्मद साहब(सलल्लह् अलैहे व सल्लम) ने फ़रमाया किस ने इसका अंडा छीन कर तकलीफ पहुँचाई है उन साहब ने कहा या रसूलल्लाह मुझ से यह हरहत हुइ है आप मुहम्मद साहब सल्ल्लाह अलैहे व सल्लम ने कहा अंडे को वहीँ रख दो।

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