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नियोजित शिक्षकों ने फूंका शिक्षा मंत्री का पुतला ----

परिहार  (सीतामढ़ी ): लंबित वेतन का भुगतान नहीं करने व शिक्षकों की समस्याओं का निदान नहीं किए जाने से आक्रोशित नियोजित शिक्षकों ने बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के बैनर तले नगर स्थित कारगिल चौक पर शिक्षा मंत्री डा. अशोक चौधरी का पुतला दहन किया। वहीं सरकार विरोधी नारे लगाते हुए आंदोलन को धारदार बनाने का निर्णय लिया। इसके तहत आगामी 28 मार्च को जिला मुख्यालय में मशाल जुलूस निकालने व 30 मार्च को विधान सभा का घेराव करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन कुमार ¨सह, जिलाध्यक्ष प्रकाश कुमार व अर¨वद कुमार ने संयुक्त रुप से कहा कि सरकार की दोहरी नीति से नियोजित शिक्षकों में आक्रोश है। पिछले पांच माह से वेतन भुगतान नहीं किए जाने से शिक्षकों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सरकार की शिक्षा व शिक्षक विरोधी नीति से सूबे की शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। सूबे के चार लाख नियोजित शिक्षक गुणवत्तापूर्वण शिक्षा के लिए कृत संकल्पित है। वहीं सरकार व विभाग शिक्षकों को गुमराह कर उनपर मनोवैज्ञानित रुप से परेशान कर रही है। सरकार की दोहरी नीति से नियोजित शिक्षकों के समक्ष आर्थिक तंगी की समस्या उत्पन्न हो गई है। विभागीय अधिकारी द्वारा शिक्षकों की समस्याओं का निदान नहीं किया जा रहा है उल्टे परेशान किया जा रहा है। यदि शीघ्र की समस्याओं का निदान नहीं किया गया तो आंदोलन को धारदार बनाया जाएगा। इसके तहत आगामी 28 मार्च को जिला मुख्यालय पर मशाल जुलूस निकाली जाएगी। वहीं 30 मार्च को पटना पहुंचकर विधान सभा का घेराव किया जाएगा। मौके पर जिला उपाध्यक्ष शंभू ¨सह, सौदागर बैठा, रामबाबू ठाकुर, मो. एहतेशाम आरिफ, राजकुमार मिश्र, गोपाल प्रसाद, विश्वमोहन पांडेय, मो.आदिल, कुमार प्रणय, मो. फिरोज आलम, मधुरेन्द्र कुमार, रामकुमार, मुकेश कुमार, तारेकश्वर मंडल, रवि रंजन, मृत्युंजय कुमार, सोहन कुमार, प्रभाकर कुमार, राणा आकाशदीप, अमित कुमार, विकास आनंद, प्रवीण प्रकाश आदि ने अपने अपने विचार व्यक्त किए।

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सीतामढ़ी महादेवपट्टी गाँव में हुए गैस लीक काण्ड में झुलसे एक और जख्मी मुकेश पासवान की मौत/मृतक और पीड़ित परिवार को मदद नही

मोहम्मद दुलारे
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परिहार(सीतामढ़ी)।महादेवपट्टी गाँवमें हुए गैस लीक काण्ड में झुलसे एक और जख्मी मुकेश पासवान की मौत शनिवार को एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर में हो गई। इस प्रकार इस घटना में अब तक मरने वालों की संख्या 3 हो गई है। मुकेश से पहले 31 अक्टूबर की रात रामप्रवेश पटेल और 3 नवंबर को मुकेश की 3 वर्षीया भतीजी राधा की मौत भी इलाज के दौरान एसकेएमसीएच में हो गई थी। यहाँ बता दें कि छठ पूजा से एक दिन पूर्व 25 अक्टूबर की रात महादेव पट्टी के मुकेश पासवान के घर में खाना गरम करने के दौरान पहले से लीक गैस में अचानक आग लग गया था। इस घटना में मुकेश सहित परिवार के 11 लोगों के अलावा पड़ोसी रामप्रवेश पटेल भी झुलसकर गंभीर रुप से जख्मी हो गए थे। घायलों को ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की मदद से स्थानीय पीएचसी परिहार में भर्ती कराया गया था,बाद में सभी घायलों को एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया गया था। जिनमें से अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना से गाँव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।तीन मौत के बाद टूटा भरोसा ः एसकेएमसीएच में एक-एक कर 3 घायलों की मौत के बाद  परिजनों का सब्र जवाब दे गया है। परिजनो…

तालिमी मरकज़ के शिक्षा स्वयं सेवक राजनीती का शिकार न बने

बिहार प्रदेश के सभी तालिमी मरकज़  साथियों  व्हाट एप्प पर बिना मतलब बहस ,इल्ज़ाम तराशी से कुछ हासिल होने वाला हो तो बतलाये ।इस फालतू के बहस से कुछ हासिल होने को नही है लिहाज़ा खामखा के बहस से बचा जाये।
तालिमी मरकज़ हों या उत्थान केंन्द्र के साथी सभों की ख्वाहिश है कि उनको सरकार राज्य कर्मी घोषित कर वेतनमान दे मगर ज़रा सोचें क्या सरकार ये माँग  तालिमी मरकज़ और उत्थान केंन्द्र को देने जा रही है ?
सोचने वाली बात ये है कि जब सरकार तालिमी मरकज़ और उत्थान केंन्द्र के कर्मी को निविदा कर्मी और नियोजित मानने को तैयार नही -------
ऐसे हालात में हमारे तालिमी मरकज़ के साथी ये भ्रम पाले हुए हैं कि सरकार निश्चय यात्रा के खात्मा पर तश्त में पेश कर बहुत बड़ी चीज पेश करने जा रही है इस लिए सरकार के सामने सांकेतिक तौर पर भी बैठक कर अपनी कोई माँग न रखें। और तरह तरह के मिसाल पेश कर डराया जा रहा है जो ग़ैर मुनासिब है।
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खबर का असर परिहार में अतिक्रमण मुक्त अभियान जारी

परिहार  (सीतामढी )।dailychingari ने दिनांक 19/09/2016 को "बस से कुचल कर 06 वर्षीयबच्चे की मौत " शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था जिसमें घटना के पीछे सड़कों का अतिक्रमण को मुख्य कारण माना था प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और परिहार की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान शुरू कर दिया है देखना अब यह है कि प्रशासन इसे कितनी तत्परता से लेती है। ज्ञात हो कि सड़कों के अतिक्रमण और जर्जर सड़क के कारण पूर्व में भी हाईस्कूल के समीप ट्रक से कुचल कर इंदरवा निवासी एक नौजवान की मौत घटना स्थल पर ही हो गईं थी अगर उस समय घटना को गंभीरता से ले लिया जाता तो घटना की पुनः पूर्णावृति नहीं होती और एक जान काल के गाल में जाने से बच जाता ।

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