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Showing posts from October, 2017

परिहार प्रखण्ड के 1से 8 वर्ग के छात्रों को अभी तक नही मिली छात्रवृति और पोशाक राशि

परिहार सीतामढ़ी।परिहार प्रखण्ड के प्राथमिक विद्यालय और मध्य विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को अभी तक वित्तीय वर्ष 2016 - 2017 का पोशाक और छात्रवृति राशि उनके के खाते में हस्तांतरित नही की गई है मगर अतिरिक्त प्रभार में प्रतिनियुक्त प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं हैं।

जमीयत उलमा ए हिन्द की कार्यकारिणी की बैठक संपन्न

नई दिल्ली। 28 अक्टूबर
जमीयत उलमा ए हिन्द की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक केंद्रीय कार्यालय में मौलाना कारी सैयद मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी, अध्यक्ष जमीयत उलमा ए हिंद की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में देश भर से जमीयत उलमा ए हिंद के लगभग दो हजार पदाधिकारियों, जिम्मेदारों और बुद्धिजीवियों ने शिरकत की।
इस अवसर पर जमीयत उलमा ए हिन्द के राष्ट्रीय सचिव मौलाना महमूद मदनी ने रिपोर्ट पेश करते हुए देश भर में साम्प्रदायिक शक्तियों के बयानों पर उत्तेजनापूर्ण जवाबी बयान और प्रतिक्रिया की राजनीति पर कड़ी आलोचना की और कहा कि एक साजिश के तहत देश के सौहार्दपूर्ण माहौल को खराब करने की कोशिश जा रही है, ताकि कि जनता का ध्यान बुनियादी और आवश्यक समस्याओं से हटा दिया जाए, जनता की बुनियादी समस्याएं जस की तस हैं और उन्हें अनावश्यक बातों से दिगभ्रमित किया जा रहा है। मौलाना मदनी ने दो टूक शब्दों में कहा कि देश में भय का वातावरण एवं भय की राजनीति नहीं चलने दी जाएगी।ं हमें किसी से डर नही है, न ही किसी के डराने से डरते हैं
मौलाना मदनी ने प्रतिक्रिया की राजनीति को भी सख्त हानिकारक बताया और कहा कि जिस अंदाज में…

ग़ुलामी की जंजीरों से बाहर निकलो

● गुलामी के पहले शूद्रों को धर्म से दूर रखा गया और आजादी के बाद धर्म से चप्का दिया गया ।
26 जनवरी 1950 से पहले रामायण, गीता,वेद,पुराण महाभारत जैसी पुस्तके ब्राह्मण ही पढते थे ।
26 जनवरी 1950 के बाद संविधान लागू होते ही वह सारी पुस्तकें ब्राह्मणो ने O B C , S C,S T को थमा दी और
खुद *संविधान* पढ़ने लगे।
संविधान वो आज भी पढ़ रहे हैं और हमारे लोगों ने संविधान उठा कर देखा तक नहीं।
वे वकील ,जज और नेता बन गये और हमारे समाज के लोग भक्त बन गये।
क्या ये विचारणीय प्रश्न नहीं है ?
इस लिये आप सभी भारत देश के नागरिकों से आनुरोध है कि संविधान को पढें और आगे बढें।
गीता रामायण पढने से आप I A S,
I P S, P C S, M B B S इंजीनियर नहीं बन सकते हो इस लिये अब समय आ गया है पाखण्डवाद से बाहर निकलने का ...वक्क्त रहते संभल जाओ,नही तो गुलामी की बेड़िया तुम्हारा इन्तजार कर रही है, फिर समय नहीं मिलेगा।

छठ पर्व पर विशेष :-नर्म और सख़्त कैसे होता है छठ का ठेकुवा और ख़स्ता

महजबींनर्म और सख़्त कैसे होता है छठ का ठेकुवा और ख़स्ता सर्दियों के गुलाबी मौसम में त्योहारों की आमद साथ लाती है मेहमान पकवान शादियों के पैग़ाम। आजकल बाज़ार में त्योहार से मुतालिक हर चीज़ बाआसानी से फराहम है तरह-तरह के तोहफे मिठाइयाँ सजावट के सामान होली की गुज़िया तिल के लड्डू रेडीमेड रंगोली इत्यादि। बाज़ार और टेक्नोलॉजी ने बहुत काम आसान कर दिया अब हर चीज़ हर जगह मिलती है और घर में बनने वाली चीज़ें भी बाज़ार में मिलती है जैसे अब सत्तू तीसी धान बाजरा मड़वा मकई का आटा चूरा (पोहा, चिड़वा ) लाई के लड्डू तिल के लड्डू होली की गुज़िया शरीफा टापलेमुन झिंगा मछली.... बाज़ार ने हमारी दौड़ धूप महनत कम कर दी है इसमें कोई शक़ नहीं घर बैठे इंट्रनेट पर अॉडर देकर कुछ भी मंगा लिजिए। मगर इस सुविधा में चकाचौंध में कहीं कुछ पिछे छूट गया है, संवेदना दिनो - दिन मिटती जा रही है, अब लोगों के दिलों में अहसास नहीं रहे हैं इनकी जगह अॉपचारिकता (खानापूर्ति ) ने ले ली है, टेलीफोन मोबाइल के ज़रिए अब कभी भी किसी से बात करना कितना आसान हो गया है मगर बात करने में वो पहले वाली बेसब्री इंतजार ललक मुहब्बत नहीं रही। अब कोई…

मच्छरों के प्रकोप से लोग मलेरिया , कालाजार रोग से आक्रांत

परिहार(सीतामढ़ी) मच्छरों के प्रकोप से लोग मलेरिया बुखार, कालाजार के शिकार हो रहे हैं मगर मच्छर मारक दवाओं का छिड़काव नही किया जा रहा है।मच्छर मारक दवाओं के छिड़काव नही होने से प्रखण्ड की अवाम बड़े पैमाने पर मलेरिया, कालाजार के शिकार हो रहे हैं।बाढ़ प्रभावित इस प्रखण्ड में ब्लिचिंग पाउडर छिड़काव के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उपलब्ध करवाया गया था मगर महज़ खानापूर्ति की गई थी कहीँ भी सही तरीके से ब्लिचिंग पाउडर का छिड़काव नही किया गया जिस कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है और लोग मलेरिया बुखार, कालाजार से आक्रांत हो रहे हैं।

परिहार उत्तरी पंचायत मुखिया के उपेक्षापूर्ण नीति के कारण वार्ड 5 और वार्ड 15 के बाढ़ पीड़ित परिवार को अभी तक नही मिला राहत राशि

परिहार (सीतामढ़ी)परिहार उत्तरी पंचायत मुखिया के उपेक्षापूर्ण नीति के कारण वार्ड 5 और वार्ड 15 के बाढ़ पीड़ित परिवार को राहत राशि अभी तक नहीं मिला है ज्ञात सूत्रों से पता चला है कि मुखिया ने वार्ड 05,और 15 की सूची अंचल कार्यालय से उठा कर अपने घर ले गए और फिर बाद में अंचल कार्यालय में जमा किया जिस कारण अंचल कार्यालय द्वारा समय पर राहत राशि हस्तांतरण हेतु बैंक को नही भेजी जा सकी है।राहत राशि नही मिलने के कारण वार्ड 05 और 15 के बाढ़ पीड़ितों में काफी आक्रोश पाई जा रही है बताते चलें कि वार्ड 15 अनुसूचित जाति बहुल वार्ड है वहीं वार्ड में आंशिक अनुसूचित जाति के लोग निवास करते हैं इस वार्ड को एक सोची समझी साजिश के तहत ह्रास करने की कोशिश की गई है।मालूम हो कि बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला यही दो वार्ड था वार्ड 15 में प्रभावित परिवारों को बचाने के लिए NDRF  टीम को भी लगाया गया था और इसी वार्ड के प्रभावित परिवार को राहत राशि से अभी तक वंचित रखा जा रहा है।

मानदेय भुगतान की माँग

विषय:-मानदेय राशि भुगतान के सम्बन्ध में ।महाश्य,उपर्युक्त विषयक प्रसंग में अंकित करना है कि ज़िला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सीतामढ़ी के निर्णय संख्या- 40411_00383 दिनांक 24.06.2016 के आलोक में, मैं ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी के कार्यालय पत्रांक 228 दिनांक 11/07/2016 के आदेशानुसार दिनांक 11/07/2016 को योगदान कर कर तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी के रूप में सम्बंधित विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय एकडंडी उर्दू कन्या परिहार सीतामढ़ी में कार्य कर रहा हूँ परन्तु चौदह माह पश्चात भी मानदेय भुगतान नही होने के कारण आर्थिक तंगी उत्पन्न हो गई है  जिस कारण मानसिक तनाव में रहता हूँ।लम्बित मानदेय भुगतान हेतु पूर्व में कई लिखित अभ्यावेदन दे चुका हूँ मगर मानदेय भुगतान नही किया गया ।अतः अनुरोध है कि सहानुभूति पूर्वक ध्यान देते हुए मानदेय भुगतान राशि विमुक्त करवाने की कृपा करें।मेरा अनुपस्थिति विवरण ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी के कार्यालय में जमा है।विश्वस भाजनमोहम्मद कमरे आलम
तालिमी मरकज़, शिक्षा स्वयं सेवी
प्राथमिक विद्यालय एकडंडी उर्दू कन्या
परिहार ,ग्राम-एकडण्डी, थाना+
पोस्ट +प…

क्या ग़रीबों की सरकार ऐसी होती है जो ग़रीबों के खाते से रुपये चुरा लेती है

क्या ग़रीबों की सरकार ऐसी होती है जो ग़रीबों के खाते से रुपये चुरा लेती है ।ग़रीबों के खातों में न्यूनतम राशि नही होने के कारण बैंक हर महीने निर्धारित राशि काट रही है जिस आदमी की कोई आमदनी होगी ही नहीं वह भला अपने खाते में राशि कहाँ से रखेगा।एक तरफ सरकार कहती है सभी लोगों का खाता बैंक में होनी चाहिए वहीं मिनिममबैलेंस के नाम पर निर्धारित राशि की वसूली कर रही है और सरकार कहती है कि हमारा देश और देश के लोगों का विकास हो रहा है भला जिन व्यक्तियों के खाते से राशि काटी जा रही है उनका विकास कैसे हो रहा है ? पहले अगर बैंक खाते में रक़म रहती थी तो बैंक इंटरेस्ट देती थी क्योंकि वे खाता धारक के पैसे से बिज़नेस करती है और मुनाफ़े में कुछ हिस्सा देती थी।

सभी बाढ़ पीड़ित परिवार को राहत राशि नही मिलने पर मुखिया संघ और वार्ड संघ का एक दिवसीय धरण आयोजित

बाढ़ पीड़ित परिवार को राहत राशि नही मिलने व प्रखंड कार्यालय, अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध  मुखिया संघ और वार्ड संघ, पंचायत समिति संघ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से परिहार प्रखण्ड मुख्यालय के सामने  एक दिवसीय धरना  मुखिया संघ की अध्यक्ष श्रीमती सपना कुमारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई सभा का सफल संचालन वार्ड संघ अध्यक्ष विनय पासवान ने किया।सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर तीन दिनों के अंदर सभी बाढ़ पीड़ित परिवार के खातों में बाढ़ राहत राशि का हस्तांतरण नही होता है तो प्रखण्ड कार्याल की घेराबंदी होगी और माँगों के समर्थन में जिला प्रशासन के समक्ष अनशन किया जाएगा।प्रखण्ड व अंचल कार्यालय में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का बाज़ार गर्म है और आम जनता परेशान है।आर टी पी एस सेवा ध्वस्त हो चुकी है समय सीमा के अंदर दाखिल-खारिज नही होता वही प्रखण्ड शिक्षा कार्यालय, अवर निबंधन कार्यालय आपूर्ति कार्यालय अतिरिक्त प्रभार के पदाधिकारियों के सहारे चलाया जा रहा है जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।पशु बाजार भिस्वा में अंचल अधिकारी की…

दीपों का पर्व दीवाली मुबारक मुबारक मुबारक हो

*मान* मिले *सम्मान* मिले,              *सुख - संपत्ति* का *वरदान* मिले.  *क़दम-क़दम* पर मिले *सफलता*,                   *सदियों* तक पहचान मिले। आपको एवं आपके   परिवार के सभी सदस्यों को   दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ..
*मोहम्मद कमरे आलम*

प्रशासनिक उदासीनता के कारण बाढ़ पीड़ित परिवार को नही मिला बाढ़ राहत राशि

प्रखण्ड जनता दल यू परिहार सीतामढ़ी के बैठक में कई अहम फैसला लिया गया और उसके क्रियान्वयन के लिए पारित प्रस्ताव की कॉपी पदाधिकारियों के भेजी गई है।बाढ़ आने के दो महीने बाद भी प्रखण्ड के सभी बाढ़ पीड़ित परिवार को बाढ़ राहत राशि प्रशासनिक उदासीनता के कारण नही मिलने पर चिंता प्रकट किया गया वही आर टी पी एस में दिए गए आवेदन खास कर दाखिल खारिज के मामले का समयावधि में निष्पादन नही किये जाने के मामले पर खेद व्यक्त किया।*** ओला वृष्टि में किसानों की फर्जी सूची तैयार कर क्षति पूर्ति राशि का गबन ***बिहार में पूर्ण शराब बंदी होने के बाद भी नेपाल से शराब लाकर होम डिलीवरी को लेकर थाना प्रभारी से डेलीगेट के रूप में मिलने का प्रस्ताव पारित किया गया।जनता दल के वरिष्ठ नेता श्री राकेश कुमार सिंह ने प्रस्ताव दिया कि ओला वृष्टि से प्रभावित किसानों के बीच राहत राशि वितरण में भेद भाव किया गया और उगाही आधारित भुगतान किया गया और फर्जी किसानों की सूची तैयार कर फर्जी वारा किया गया है जिसकी उच्च स्तरीय जाँच होनी चाहिए।  आरोप लगाया गया है बाढ़ पीड़ित परिवार की सूची माँगे जाने के बाद भी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है जिसको ल…

True Balance App डाउनलोड कर असीमित रिचार्ज बैलेंस हासिल करें

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मन की बात

महजबीं
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दिल में किना रखने वाले, तानाशाह दिमाग़ रखनेवाले, दिल तोड़ने वाले, बेमौत मारने वाले भी यह अहसास रखते हैं कि मन क्या होता है, और मन क्या चाहता है, मन की बात कैसे समझी जाती है, मन की बात सिर्फ़ सुनाई नहीं सुनी भी जाती है? तमाम जानदार चींज़े मन रखतीं हैं वो वाहिद एक शख़्स नहीं जो मन रखते हैं। जनमत इकट्ठा करने के लिए कारोबारी और सियासी लोगों ने समय- समय पर तरह-तरह की टेकनीक इस्तेमाल की, संवेदनशील प्रभावित करने वाली भाषा का प्रयोग किया, यह कोई नई बात नहीं है यही होता आया है। अपने आप को सत्ता में बनाए रखने के लिए तरह-तरह के परोपेगेंडा का इस्तेमाल किया जाता रहा है, लेकिन अब " मन " का भी इस्तेमाल किया जाने लगा है।मनुष्य को समाज में रहना होता है और समाज में रहने के लिए सामाजिक मूल्यों की जानकारी रखनी होती है उन पर चलना पड़ता है समाजिक व्यवहार के लिए विचारों के आदान-प्रदान के लिए शिक्षण- अधिगम प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है और समाज में ही रहने के लिए,  भाषा को सीखना होता है मातृभाषा, माध्यमभाषा, व्यापार की अंतरराष्ट्रीय भाषा सभी सीखने की ज़रूरत होती है। भाषा में पारंगत ह…