Monday, February 27, 2017

28 फ़रवरी को नेहरू भवन डुमरा में सेमिनार एवं मुशायरा का होगा आयोजन

उर्दू ज़ुबान  के विकास के लिए ज़िला स्तरीय सेमिनार एवं मुशायरा का आयोजन सरकारी निदेशाधीन ज़िला उर्दू भाषा कोषांग समाहरणालय सीतामढ़ी के तत्वधान में 28 फ़रवरी 2017 को नेहरू भवन डुमरा सीतामढ़ी में श्री राजीव रौशन (भा0प्र0से0) ज़िला पदाधिकारी की अध्यक्षता में किया गया है।प्रोग्राम का आगाज़ दिन के 10:00 बजे होगा जो रात के 8:00 बजे तक चलेगा।

क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक ने शिक्षा पदाधिकारी को अपने आदेश को स्थगित रखने का दिया आदेश

क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर ने ज़िला शिक्षा पदाधिकारी सीतामढ़ी को अपने आदेश को स्थगित रखने का दिया आदेश दिया है।मालूम हो कि जिला शिक्षा पदाधिकारी सीतामढ़ी ने सुकेश्वर राम और वीरेन्द्र कुमार ठाकुर, पंचायत शिक्षक का शिक्षा मित्र के रूप में किये गए नियोजन का अवधि विस्तार न होने के कारण इनका सेवा समाप्त का निदेश प्रखण्ड विकास पदाधिकारी परिहार और पंचायत सचिव ग्राम पंचायत राज, बेतहा को पत्रांक 1871 दिनांक 12.07.2016 के द्वारा दिया था जिस के विरुद्ध उक्त दोनों शिक्षक ने क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक मुज़फ्फर को आवेदन दे कर न्याय की गुहार लगाई थी उसी पर यह निदेश जारी किया गया है।

क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक ने अपने पत्र में लिखा है विभागीय पत्रांक 1219 दिनांक 08.08.2006 से स्पष्ट है कि विधिवत रूप से नियोजित शिक्षा मित्र जिनका अवधि विस्तार पंचायत चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू होने के कारण नही हो पाया, किन्तु अगर वे कार्यरत है तो नियोजित एवं कार्यरत माने जाएंगे तथा वे दिनांक 01.07.2006 से पंचायत प्रारंभिक शिक्षक के रूप में नियोजित माने जायेंगें।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि आपका पत्रांक 1871 दिनांक 12.07.2016 द्वारा दिया गया निदेश विभाग द्वारा दिए निदेश के अनुरूप नहीं है तथा इसकी समीक्षा करना उचित है साथ ही उप निदेशक ने यह भी कहा है कि विभागीय पत्र में दिए गए निदेश के अनुसार ही इन पंचायत शिक्षकों के मामलों की समीक्षा कर कार्रवाई करें और कृत कार्रवाई से सूचित करने का आदेश दिया है।

Sunday, February 26, 2017

अध्यक्ष मोहम्मद फ़िरोज़ आलम ने किया कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायादेश     *" समान काम,समान वेतन"*, नियमित शिक्षको की तर्ज पर दी जाने वाली "सेवा शर्त",अप्रशिक्षित शिक्षको को "ग्रेड पे" शारीरिक शिक्षक को स्नातक शिक्षक का दर्जा एवं प्रधानाध्यापक पद के लिए प्रोन्नति,जीविका कर्मी को विद्यालय के निरीक्षण कार्य के आदेश पर रोक लगवाने जैसे अपनी सभी माँगों को लेकर सूबे के सभी नियोजित शिक्षक अपने मान-सम्मान व स्वाभिमान की रक्षा करने एवं अपने अधिकार के लिए बिहार पंचायत-नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ,परिहार के अध्यक्ष मोहम्मद फ़िरोज़ आलम ने प्रखण्ड के सभी नियोजित शिक्षकों  व शिक्षिकाओं से आह्वान किया है कि अपने मान-सम्मान व स्वाभिमान की रक्षा ,समान काम का समान वेतन के लिए निम्न कार्यक्रमों मे भाग लेकर  अपनी चट्टानी एकता का  परिचय दें ।
  04/02/2017 को एक दिवसीय धरना  सभी                प्रखण्ड मुख्यालय पर           18/02/2017को एक दिवसीय  सभी जिला मुख्यालय में                        21/02 2017को सभी जिला मुख्यालय में मशाल जुलूस                                   23/02/2017 से अनिश्चितकालीन विधानसभा घेराव*
 

     

नवादा की बलात्कार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए इन्साफ इंडिया के बैनर तले 28 फ़रवरी को इन्साफ मार्च

बिहार के नवादा ज़िला के अकबरपुर थाना के फरहा गाँव में 17 साल की लड़की के साथ सामुहिक ब्लातकार के बाद उसकी हत्या की कोशिश की गई थी और सर पर धारदार हथियार से हमला के बाद गला काटने का प्रयास किया गया इस तरह के घटना की पूर्णावृति न हो और पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए इन्साफ इंडिया ने 28 फ़रवरी को इन्साफ मार्च का आयोजन किया है ।


Thursday, February 23, 2017

प्रत्येक परिवार को मिले दस हजार रुपये राष्ट्रीय लाभांश - आर्थिक न्याय

जिस प्रकार 68 प्रतिशत लोगों को राशन दिया जा रहा है उसी प्रकार देश के प्रत्येक परिवार को दस हजार रुपये प्रति माह राष्ट्रीय लाभांश के रूप में दिया जाये क्योंकि देश की पूरी प्राकृति सम्पदा के असल मालिक देश के लोग हैं इसलिए राष्ट्रीय लाभ में प्रत्येक नागरिक का बराबर का हक़ होनी चाहिए।

Wednesday, February 22, 2017

क्यों और किसके लिए

मेहजबीं

रब ने इंसान को
खूबसूरत दिल - दिमाग
हाथ पैर जिस्म अता किया।
दिल दिया तमाम मख़लूक़ से
मुहब्बत करने के लिए
इंसान ने मुहब्बत की
मिसालें पैदा की
मुहब्बत के सच्चे
अफसाने लिखे।
और दिमाग सोचने के लिए
सुलझा हुआ रहने के लिए
चीज़ों को इज़ाद करने के लिए।
हाथ पैर दिये अपने कामों को
अंजाम देने के लिए
मेहनत करके
हलाल रिज़्क़ खाने के लिए।
और बहुत हद तक
इस इंसान ने इन बख़्शी गई
नियामतों का
माअकूल इस्तेमाल किया।

धीरे-धीरे तरक्की याफ़ता हुआ
पक्के घर बनाए
इमारतें बनाई
मशीनें बनाई
साईकिल, बस, कार
रेल, हवाई जहाज बनाए
बिजली इज़ाद की
पेट्रोल, डीज़ल, कोयला
तेल, ढूंढ निकाले।
जैसे-जैसे
साज़ो सामान, ऐशो-आराम
फ़राहम करता गया
वैसे-वैसे
बाज़ार की दलदल में फंसता गया।
मुहब्बत, ईमानदारी
वफ़ा, बाकिरदारी पिछे छूटती गई।
लालच, दग़ाबाज़ी, ख़ुदग़र्ज़ी,
ज़ालमाना सलूक़, बदकिरदारी,
बदअख़लाक़ी उसकी खासियत बन गई।
मुहब्बत, रिश्तों की
बुनयादें भी इन्हीं चीजों पर
रखी जाने लगी।
लूट-खसोट, फ़रेब
धोखाधड़ी, बेईमानी
खून - खच्चर आम होने लगा।

साम्राज्यवाद, पूंजीवाद, दासप्रथा
रंगभेद, नस्लवाद ग़ैरबराबरी (असमानता)
जैसे लफ्ज़ो ने
यहीं से जन्म लेना शुरू किया
और फिर इनकी मुखालिफ़त में
मार्क्सवाद, गाँधीवाद, समाजवाद
जैसे लफ्ज़ो ने भी
अपना वजूद कायम किया।
तक़रार का ज़िरह का
सिलसिला आगे बढ़ता ही गया
इस इंसान का कलेजा
पत्थर का होता गया
धड़कता दिल संग(पत्थर )  हो गया।
बारूद, तोप, मिसाइल, बन्दूक,
बम बना बैठा
अपने मुफाद के लिए
इन्हें चला बैठा
क़तले आम मचा बैठा।
पहली दूसरी जंग की
ख़ौफ़नाक दास्तान तहरीर की
मक्कारी जालसाज़ी की तर्ज़ पर
अमेरिका सबका सरदार बन बैठा
वो इसी नाअहली को
अपनी आन बान शान समझ बैठा ।

नताईज़
इन  ज़ुल्म - ओ - सितम का
यह निकला
ईंट का ज्वाब पत्थर से देकर ही
मज़लूम को चैन मिला।
इन्हीं दबाए कूचलो में से
जो अपने आप को
मुसलमान कहता है
ख़ुदा के सबसे नज़दीक समझता है
वो भी अपने जिस्म पर
बम बांध मैदान में कूद पड़ा
इंसानियत तबाह करने को
बदला ऊतारने को
बेअक्ल, नासमझ,
ज़ाहिल, ज़ालिमों से बदला लेने का
यही रास्ता मिला था?
आख़िर यह बेमायनी जंग क्यों
और किसके लिए?
बदला ऊतरा या नहीं
इसका कलेजा
ठंडा हुआ कि नहीं
हा मगर यह ज़ालिमों को
सबक सिखाने के फेर में
खुद ज़लिम बन गया
इंसानियत के दायरे से
बाहर हो गया
अपनी पहचान मजहब को
धुंधला बदनाम कर दिया।

सियासत भी
इस खून खराबे से
अब पाक नहीं
मारती है फेंकती है
मासूमों पर बम
हर रोज़ कहीं न कहीं
इन सियासी लोगों के हैं चेहरे कई।
मजहब को तलवार की तरह
इस्तेमाल करते हैं
इन्हीं की वजह
से लोग आपस में भिड़ते हैं।
यहाँ- वहाँ धड़ से सर
ज़मीन पर गिरते हैं
चारों तरफ
मय्यतों का ढेर दिखाई देता है।
क्या सोचते होंगे
शमशान और कब्रिस्तान?
उन्हें भी तो
कभी ताअतील (छुट्टी ) चाहिए।
ऐसे भी मुर्दे हैं
जिन्हें कफ़न - दफ़न
शमशान कब्रिस्तान मय्यसर नहीं
उनके सर धड़ का
कोई अता - पता ही नहीं
जनाज़े की नमाज़ कैसे पढ़ी जाए
अर्थी कैसे सजाई जाए?
जब जनाज़े का ही कुछ पता नहीं।
लामहदूद मख़लूक़
बिना किसी कुसूर के
मौत के घाट उतार दी जाती है।
चिथड़े - चिथड़े उड़ा दिये जाते हैं
चुन दे इन चिथड़ों को कोई
बुन दे उन जिस्मों को फिर से कोई
कोई है
कोई है
कोई है?

Tuesday, February 21, 2017

तालिमी मरकज़ एसोसिएशन ने डीईओ सीतामढ़ी को सौंपा दस सूत्री माँग पत्र

तालिमी मरकज़ एसोसिएशन सीतामढ़ी के चेयरमैन एजाज़ कौसर "नेहाल खान" के नेतृत्व में सात सदस्यी प्रतिनिधि मंडल ने जिला शिक्षा पदाधिकारी सीतामढ़ी से मिल कर दस सूत्री माँग पत्र सौंपा।माँग पत्र के माध्यम से एसोसिएशन ने माँग किया है कि जिला के तीन सौ पंचानवे तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी का मानदेय अविलम्ब भुगतान करने का आदेश दिया जाये, विभिन्न चरणों में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके तालिमी मरकज़ रज़ाकारों का प्रशिक्षण प्रमाण - पत्र निर्गत करने का आदेश सम्बंधित पदाधिकारी को दिया जाये, ज़िला अंतर्गत लम्बित 46 तालिमी मरकज़ स्वयं सेवी का मानदेय अविलम्ब भुगतान करने का आदेश दिया जाये, सभी कार्यरत स्वयं सेवी का सेवा- पुस्तिका संधारण का आदेश निर्गत किया जाय साथ ही परिचय पत्र निर्गत किया जाय, बन्द कर दिये गए तालिमी मरकज़ को पुनः संचालित किया जाये और मुस्लिम बहुल इलाकों में नये तालिमी मरकज़ खोलने हेतु स्वीकृति का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाए प्रतिनिधि मंडल में मोहम्मद कमरे आलम वाईस चेयरमैन, नेक मोहम्मद अंसारी सेक्रेटरी, मोहम्मद सगीर, मोहम्मद अनवर आलम जॉइंट सेक्रेटरी, सलमान सागर मिडिया प्रभारी, हैदर अली शामिल थे।


Monday, February 20, 2017

कच्चे घरों के पक्के लोग, भूके मर रहे सच्चे लोग

""अब न सहेंगे अन्याय, जनता मांगे आर्थिक न्याय ""
देश में ग़रीबी और अमीरी का अन्तर भयावह स्थिति में है।जिसे सही नही कहा जा सकता अगर सरकार आर्थिक आधार पर नीतियों का निर्धारण नही करती है तो ग़रीबी में पैदा होने वाला आदमी ग़रीबी में ही मरता रहेगा।
जहाँ ग़रीबों की आबादी है वहाँ लोग बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित है, चलने के लिए अच्छी सड़क, ईलाज के लिए स्पताल, पढ़ाई के लिए अच्छा विद्यालय नही।आज सरकारी स्कूलों के लिए सरकार की जो नीति है वह यह है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सिर्फ अपना नाम लिखना आ जाये।सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा पर हमेशा नया नया प्रयोग कर शिक्षा को बर्बाद करती रहती है।आज से 20/25 साल पूर्व विद्यालय के खुलने का समय 10:30 और बन्द होने का समय 4:00 बजे था उस समय सरकारी स्कूलों में पढाई भी अच्छी होती थी और विद्यालय भी अपने निर्धारित समय पर खुलता और बन्द होता था आज विद्यालय के खुलने का समय 9:00 बजे और बन्द होने का 4:00 बजे है मगर न विद्यालय समय पर खुलता है और न ही समय पर बन्द होता है और न सही से पढाई ही होती है आखिर क्यों ? क्या इस के तह में जाने की ज़रूरत नही है  ?
जब विद्यालय के खुलने का समय 10:00 बजे था तो तब शिक्षक इत्मीनान से घर से भरपेट खाना खा कर विद्यालय जाते थे और मन लगा कर बच्चों को पढ़ाते थे आज विद्यालय के खुलने का समय 9:00 बजे है शिक्षकों को इत्मीनान नही विद्यालय पहुँचने की हड़- बड़ी है खाने का ठिकाना नही लिहाज़ा भूखे पेट विद्यालय पहुँचते हैं भूके पेट सिर्फ शिक्षक ही नही बच्चे भी पहुँचते हैं भूका शिक्षक बच्चों को किया ख़ाक पढ़ायेगा और भूका छात्र क्या पढ़ेगा ? इस दुनिया की सारी कोशिशें पेट भरने के लिए ही होती है और नीति निर्धारक यहीं ग़लती कर बैठते हैं और नीति निर्धारकों की ग़लती का खामियाजा औरों को भुगतना पड़ता है।

कच्चे घरों के पक्के लोग, भूखे मर रहे सच्चे लोग ।
देखो हक़ ग़रीबों का खा रहे,  उचक्के   लोग।।

Saturday, February 18, 2017

आवासीय ज़मीन को भीठ/धनहर श्रेणी में दर्ज करने का आरोप

सीतामढ़ी प्रखंड परिहार थाना बेला थाना न० 79 इण्डो नेपाल सड़क निर्माण के लिए अधिगृहित भूमि को जिला भू - अर्जंन पदाधिकारी ने आवासीय जमीन को भीठ औऱ धनहर श्रेणी में दिखाया गया है जो भू धारी के साथ अन्याय है।
स्थल निरीक्षण कराकर मुआवजा दिलाने की माँग समाहर्ता सीतामढ़ी से की गई है।

Friday, February 17, 2017

तालिमी मरकज़ एसोसिएशन सीतामढ़ी का पुनर्गठन

16 फ़रवरी को तालिमी मरकज़ एसोसिएशन सीतामढ़ी का 21 सदस्य कमिटी का पुनर्गठन डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन एजाज़ कौसर नेहाल खान के ज़रिये अमल में आया है जो इस तरह है ।
1.एजाज़ कौसर नेहाल खान - चेयरमैन
2.नेक मोहम्मद अंसारी - सेक्रेटरी
3.मोहम्मद फ़ारूक़ अंसारी - वाईस-चेयरमैन
4.मोहम्मद कमरे आलम - वाईस-चेयरमैन
5.मोहम्मद इम्तेयाज़ अहमद- सेक्रेटरी जेनेरल
6.मोहम्मद अनवर - जॉइंट सेक्रेटरी
7.सगीर अंसारी - कोषाध्यक्ष
8.मोहम्मद मोसिम - कॉररेस्पोंडेंट
9.ग़ुलाम गॉस- कॉररेस्पोंडेंट
10.सनाउल्लाह कुरैसी - मीडिया इंचार्ज
11.रहमत अली -कॉडिनेटर
12.नेयाज अशरफ -एडवाइजर
13.मोहम्मद मुर्तुज़ा -
14.मोहम्मद मुर्तुज़ा -
15.मोहम्मद मनीर आलम
16.वाज़हुल कमर
17.सर्फे आलम
18.मोहम्मद यासीन
19.मोहम्मद हैदर अली
20.शाहिद अली अंसारी
21.हैदर अली

Thursday, February 16, 2017

14 अप्रैल अम्बेदकर ज्यंति-सह-मुख्यमंत्री सम्मान समारोह को सफल बनायें - ब्रह्मानंद दास

ब्रह्मानंद दास प्रदेश अध्यक्ष बिहार राज्य महादलित टोला सेवक संघ पटना बिहार ने
14 अप्रैल अम्बेदकर ज्यंति सह मुख्यमंत्री सम्मान समारोह को सफल बनाने के लिए  सभी टोला सेवक/तालिमी मरकज़ के साथियों से अपील किया है।उन्होंने तालिमी मरकज़ और उत्थान केन्द्रों के कर्मियों से कहा कि अपने-अपने जिला में संगठन को मजबूती प्रदान करें और जिस प्रकार हस्ताक्षर अभियान और शांति पूर्ण धरना को सफल किया उसी प्रकार 14 अप्रैल के कार्यक्रम को सफल बनायें, राज्य कमिटी आप तमाम टोला सेवक और तालिमी मरकज़ साथियों से ऐसा आशा रखती है।

Wednesday, February 15, 2017

Daily chingari चिंगारी چنگاری: आज़ादी के 69 साल बाद भी देमा पंचायत का देमा गाँव बुनियादी सुविधाओं से वंचित ,गाँव को जोड़ने वाली मुख्य मार्ग का पक्की करण नहीं

Daily chingari चिंगारी چنگاری: आज़ादी के 69 साल बाद भी देमा पंचायत का देमा गाँव बुनियादी सुविधाओं से वंचित ,गाँव को जोड़ने वाली मुख्य मार्ग का पक्की करण नहीं

बिहार के उर्दू विद्यालयों से जुमे की छुट्टी समाप्त करने की साजिश

बिहार के सभी सरकारी उर्दू विद्यालयों में शुक्रवार को छुट्टी रहती है लेकिन इधर कुछ दिनों से एक सोचे समझे मंसूबे के तहत इस छुट्टी को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

कभी प्रखंड स्तर पर प्रधानअध्यापक और शिक्षकों की बैठक, कभी कृमि मुक्त अभियान और अब शुक्रवार के दिन वार्षिक मूल्यांकन की तिथि की घोषणा कर के शिक्षा विभाग यह साबित करना चाहता है कि उसके नज़दीक राज्यपाल के उस आदेश की भी कोई अहमियत नहीं है जिसमे न सिर्फ उर्दू विधालयों बल्कि सभी सरकारी विभाग के मुस्लिम कर्मचारियों को शुक्रवार की दिन अपराहन 12:30 से 2:30 तक जुमा की नमाज़ के लिए अनुमति प्रदान की गई है (देखिये सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी संकल्प पत्र संख्या 10298, दिनांक 20 जुलाई 2012).
बिहार शिक्षा परियोजना ने वार्षिक मूल्यांकन की जो समय सारणी जारी की है उसके अनुसार दिनांक 17 मार्च को शुक्रवार से ही परीक्षा शुरू होनी है. ऐसे में सभी उर्दू विधालय भी शुक्रवार के दिन खुले रखने होंगे. 24 मार्च को परीक्षा समाप्ति का दिन भी शुकवार ही है. शुक्रवार के दिन उर्दू स्कूलों को खुला रखने का आदेश शिक्षा विभाग की सांप्रदायिक निति को स्पष्ट करता है.जब की इस से पहले भी जुम्मा को अर्ध वार्शिक परीछा में उर्दू स्कूल को खुला रखा गया है। उर्दू के मोअल्लिम अकलियत प्राइमरी एजुकेशन एसोसिएशन के जिला सेक्रेटरी मास्टर मोहम्मद मोबीन अख्तर, नाराजगी का इजहार करते हुए कहा कि जुम्मा के दिन इम्तिहान लिया जाना न सिर्फ अकलियतों के हुकूक के खिलाफ वर्जि है बल्कि हुकूमत बिहार के फैसले कर भी मनाफी है। कारवानी उर्दू के जिला तर्जुमान अमानुल्लाह खालीद ने कहा कि जुम्मा का दिन सिर्फ उर्दू स्कूल में ही नहीं बल्कि मुसलमानों के लिए एक अहम दिन है इसी की वजह से हर एक सरकारी विभाग में 12:30 बजे से लेकर ढाई बजे तक मुसलमान कर्मचारियों को छुट्टी दी जाती है लेकिन यह एक सोची समझी साजिश के तहत इस छुट्टी को खत्म करने की सरकार की मंशा जाहिर हो रही है। जबकि करवाने उर्दू के जिला सेक्रेटरी मोहम्मद असजद अली ने कहा कि जो अपने आप अकलियतों की सरकार कहती है वही सरकार इस तरह के फैसले ले रहे हैं इससे आम मुसलमानों में हुकूमत के खिलाफ गलत रुझान जा रही है अगर इस तरह के फैसले वापस नहीं लिए गए तो हुकूमत के खिलाफ अकलियतों के दरमियान गलत मैसेज जाएंगे और मुझे उम्मीद है कि माननीय मुख्यमंत्री और बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री इस फैसले पर पुनर्विचार करेंगे। 

Tuesday, February 14, 2017

टोला सेवक और शिक्षा स्वयं सेवी का दो दिवसीय "" कमाल ""आधारित उन्मुखीकरण कार्यशाला सम्पन्न

प्रखण्ड संसाधन केँद्र परिहार सीतामढ़ी के सभा कक्ष में टोला सेवक और शिक्षा स्वयं सेवी केन्द्रों के सभी बच्चों के लिए पढ़ने-पढ़ाने, सिखने-सिखाने को लेकर प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन ने दो दिवसीय ग़ैर आवासीय "कमाल " आधारित उन्मुखीकरण कार्य शाला का आयोजन किया गया था जिस का आज समापन हुआ।" कमाल " कंबाइंड एक्टिविटीज फ़ॉर maximized के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने का तरीका प्रथम संस्था के बी आर पी संतोष कुमार ने टोला सेवक और शिक्षा स्वयं सेवी प्रशिक्षुओं को दी।कार्यशाला समापन के समय के आर पी वीरेंद्र कुमार, लेखा समन्वयक दुःखा बैठा  प्रशिक्षण में महेंद्र साफी, लालू, पूनम कुमारी मोहम्मद कमरे आलम, हामिद अंसारी, नूरेन, उबैदुल्लाह, संतोष कुमार, रामबाबू ,सरफ़राज़,महबूब रेज़ा, असलम रेज़ा, मुस्तफा दर्ज़ी, ग़ुलाम समदानी, मोहम्मद हामिद, मुस्तफा अहमद,शाहीन परवीन, रिज़वाना खातून, बज़्मे आरा रोक्साना खातून, शहानी फात्मा,सफीना खातून, रुबीना तहसीन आदि कुल 38 प्रतिभागी मौजूद थे।


Monday, February 13, 2017

परिहार में कांग्रेस का जन वेदना कार्यक्रम

आज केंन्द्र सरकार के नोट बन्दी से आम जनता को हुई परेशानियों को अवगत कराने के लिए कांग्रेस ने गाँधी उच्च माध्यमिक विद्यालय परिहार के प्रांगण में ""जन वेदना कार्यक्रम ""का आयोजन 11.00बजे से किया है जिस में जिला अध्यक्ष विमल शुक्ला और प्रभारी विधान सभा क्षेत्र परिहार मोहम्मद परवेज़ आलम व सभी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शामिल हो रहे हैं।कांग्रेस के पूर्व प्रखण्ड अध्यक्ष मोहम्मद सऊद आलम ने परिहार के अवाम से जन वेदना कार्यक्रम में हिस्सा लेने का अपील कर कार्यक्रम को सफल बनाने का अनुरोध किया है।

Sunday, February 12, 2017

10 फ़रवरी को उत्थान केंन्द्र और तालिमी मरकज़ के द्वारा दिया गया धरना मील का पत्थर साबित होगा

10 फ़रवरी 2017 को बिहार प्रदेश महादलित टोला सेवक संघ के आह्वान पर बिहार के लग भग 35 जिलों में जिला अध्यक्षों के अध्यक्षता में अपनी एक सूत्री मांग के समर्थन में जिला मुख्यालयों में शांति पूर्ण धरना का आयोजन कर अपनी एक सूत्री माँग "" मानदेय नही वेतन मान चाहिए और उत्थान केंन्द्र और तालिमी मरकज़ के कर्मी को प्राथमिक शिक्षक का दर्जा देकर विद्यालय में समायोजित किया जाए "" सरकार के समक्ष पेश किया और अपनी चट्टानी एकता का अद्भुत मिसाल पेश किया।मालूम हो की बिहार के सिर्फ तीन जिला ने धरना का समर्थन नही किया है।

उत्थान केंन्द्र और तालिमी मरकज़ के कर्मी अपने रौशन मुस्तक़बिल को देखते हुए पूरी तरह मुत्तहिद हो कर एक दिवसीय धरना को सफल करने के लिए रात दिन एक कर दिया था , इस धरना को असफल करने  के लिए  हर संभव प्रयास किया गया मगर धरना पूरी तरह कामयाब रहा।

Thursday, February 09, 2017

डी एम भागलपुर ने आठ वर्षीय बच्ची के बलात्कारी को गिरफ्तार करने का दिया आदेश

Mustaqim Siddiqui
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आज भागलपुर में कुछ इंसाफ पसंद लोगों ने 8 वर्ष की ब्लात्कार पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए इंसाफ मार्च निकाल कर ब्लात्कार पीड़िता को भागलपुर डी एम के सामने खड़ा किया पीड़िता खुद से डी एम के कार्यालय में खड़ी होकर अपने उपर हुए जुल्म पर चुप्पी तोड़ी l मालूम हो की देश इस ब्लातकार पर खामोश है लेकिन आजसे पीड़िता ने ब्लात्कारी को सजा दिलाने के लिए इंसाफ पसंदों के साथ आवाज बुलंद कर चुकी है l

डी एम भागलपुर ने पीड़िता , उसके परिवार और इंसाफ मार्च के प्रतिनिधियों के सामने एस पी नौगछीया को फोन करके ब्लात्कारी को अबिलम्ब गिरफतार करने का आदेश दिया , एस पी नौगछीया ने जैसे ही कहा के ब्लात्कारी फरार है यह सुनते ही डी एम साहेब ने सख्त आदेश देते हुए कहा के ब्लात्कारी को किसी भी हाल में अबिलमब गिरफतार किया जाय l

डॉक्टर ज़ाकिर हुसैन

देश के प्रथम मुस्लिम राष्ट्रपति भारत रत्न विभूषित शिक्षाविद डॉक्टर ज़ाकिर हुसैन का जन्मदिन है , आपके व्यक्तित्व व कृतित्व से आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा मिले और राष्ट्र के लिये उत्सर्ग होने का भाव सृजित हो , ऐसे प्रयास हम सभी के अभिनंदिनीय होंगे l
राष्ट्रपति बनने पर अपने उदघाटन भाषण में उन्होंने कहा था कि समूचा भारत मेरा घर है और इसके सभी बाशिन्दे मेरा परिवार हैं। 3 मई 1969 को उनका निधन हो गया। वह देश के ऐसे पहले राष्ट्रपति थे जिनका कार्यालय में निधन हुआ।

डॉ. ज़ाकिर हुसैन (अंग्रेज़ी: Zakir Hussain, जन्म: 8 फ़रवरी, 1897 - मृत्यु: 3 मई, 1969) भारत के तीसरे राष्ट्रपति थे। उनका राष्ट्रपति कार्यकाल 13 मई 1967 से 3 मई 1969 तक रहा। डॉ. जाकिर हुसैन मशहूर शिक्षाविद् और आधुनिक भारत के दृष्टा थे। ये बिहार के राज्यपाल (कार्यकाल- 1957 से 1962 तक) और भारत के उपराष्ट्रपति (कार्यकाल- 1962 से 1967 तक) भी रहे। उन्हें वर्ष 1963 मे भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 1969 में असमय देहावसान के कारण वे अपना राष्ट्रपति कार्यकाल पूरा नहीं कर सके।केवल 23 वर्ष की अवस्था में वे 'जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय' की स्थापना दल के सदस्य बने। वे अर्थशास्त्र में पी.एच.डी की डिग्री के लिए जर्मनी के बर्लिन विश्वविद्यालय गए और लौट कर जामिया के उप कुलपति के पद पर भी आसीन हुए। 1920 में उन्होंने 'जामिया मिलिया इस्लामिया' की स्थापना में योगदान दिया तथा इसके उपकुलपति बने। इनके नेतृत्व में जामिया मिलिया इस्लामिया का राष्ट्रवादी कार्यों तथा स्वाधीनता संग्राम की ओर झुकाव रहा। स्वतन्त्रता प्राप्ति के पश्चात वे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति बने तथा उनकी अध्यक्षता में ‘विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग’ भी गठित किया गया। इसके अलावा वे भारतीय प्रेस आयोग, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, यूनेस्को, अन्तर्राष्ट्रीय शिक्षा सेवा तथा केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से भी जुड़े रहे। 1962 ई. में वे भारत के उपराष्ट्रपति बने।
कार्यक्षेत्र
डॉ. ज़ाकिर हुसैन भारत के राष्ट्रपति बनने वाले पहले मुसलमान थे। देश के युवाओं से सरकारी संस्थानों का वहिष्कार की गाँधी की अपील का हुसैन ने पालन किया। उन्होंने अलीगढ़ में मुस्लिम नेशनल यूनिवर्सिटी (बाद में दिल्ली ले जायी गई) की स्थापना में मदद की और 1926 से 1948 तक इसके कुलपति रहे। महात्मा गाँधी के निमन्त्रण पर वह प्राथमिक शिक्षा के राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष भी बने, जिसकी स्थापना 1937 में स्कूलों के लिए गाँधीवादी पाठ्यक्रम बनाने के लिए हुई थी। 1948 में हुसैन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति बने और चार वर्ष के बाद उन्होंने राज्यसभा में प्रवेश किया। 1956-58 में वह संयुक्त राष्ट्र शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति संगठन (यूनेस्को) की कार्यकारी समिति में रहे। 1957 में उन्हें बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया और 1962 में वह भारत के उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। 1967 में कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के रूप में वह भारत के राष्ट्रपति पद के लिए चुने गये और मृत्यु तक पदासीन रहे।
अनुशासनप्रिय व्यक्तित्त्व
डॉ. ज़ाकिर हुसैन बेहद अनुशासनप्रिय व्यक्तित्त्व के धनी थे। उनकी अनुशासनप्रियता नीचे दिये प्रसंग से समझा जा सकता है। यह प्रसंग उस समय का है, जब डॉ. जाकिर हुसैन जामिया मिलिया इस्लामिया के कुलपति थे। जाकिर हुसैन बेहद ही अनुशासनप्रिय व्यक्ति थे। वे चाहते थे कि जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र अत्यंत अनुशासित रहें, जिनमें साफ-सुथरे कपड़े और पॉलिश से चमकते जूते होना सर्वोपरि था। इसके लिए डॉ. जाकिर हुसैन ने एक लिखित आदेश भी निकाला, किंतु छात्रों ने उस पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया। छात्र अपनी मनमर्जी से ही चलते थे, जिसके कारण जामिया विश्वविद्यालय का अनुशासन बिगड़ने लगा। यह देखकर डॉ. हुसैन ने छात्रों को अलग तरीके से सुधारने पर विचार किया। एक दिन वे विश्वविद्यालय के दरवाज़े पर ब्रश और पॉलिश लेकर बैठ गए और हर आने-जाने वाले छात्र के जूते ब्रश करने लगे। यह देखकर सभी छात्र बहुत लज्जित हुए। उन्होंने अपनी भूल मानते हुए डॉ. हुसैन से क्षमा मांगी और अगले दिन से सभी छात्र साफ-सुथरे कपड़ों में और जूतों पर पॉलिश करके आने लगे। इस तरह विश्वविद्यालय में पुन: अनुशासन कायम हो गया।
लखनऊ

Wednesday, February 08, 2017

10 फ़रवरी के धरणा प्रदर्शन में भाग लेने का आह्वान


मधुबनी जिला रहिका प्रखण्ड सचिव मोहम्मद समीऊल और मोहम्मद फारूक आलम प्रखंड अधयक्ष टोला सेवक तालीमी मरकज संघ प्रखंड कस्बा जिला पूर्णिया ने तमाम टोला सेवक और तालिमी मरकज के साथियों से अनुरोध किया है कि 10  फरवरी को 11 बजे से  मधुबनी और पूर्णिया के एक दिवसीय धारणा/ प्रदर्शन में बढ़ -चढ़ कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है।

तालिमी मरकज़ मोतीहारी का निर्णय 10 फ़रवरी के धरना मे लेंगें हिस्सा

जिला मोतीहारी तालिमी मरकज़ संघ के सचिव मोहम्मद इरशाद आलम के इत्तलाः के मुताबिक 07 फ़रवरी को जिला कमिटी की बैठक जिला अध्यक्ष मोहम्मद रुस्तम की अध्यक्षता में हुई जिस में निर्णय लिया गया कि 10 तारीख को होने वाले धरना में ज़िला के सभी तालिमी मरकज़ के साथी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लें।साथ ही पूरे बिहार के तालिमी मरकज़ से अपील किया गया है कि किसी के बहकावे में न आयें।
राब्ते के लिए अपना नम्बर भी जारी किया है।
Md Rustam 9955763764
or Md Irshad alam 9507092321

Tuesday, February 07, 2017

साक्षर भारत कर्मियों ने मुख्य कार्यक्रम समन्वयक नागेन्द्र पासवान का किया भव्य स्वागत

प्रखण्ड लोक शिक्षा समिति रुन्नी सैदपुर साक्षर भारत के कर्मियों ने लोक शिक्षा समिति के प्रांगण में एक सभा का आयोजन प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी रुन्नी सैदपुर माधवेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कर मुख्य कार्यक्रम समन्यवक सीतामढ़ी नागेन्द्र पासवान के कार्य भार सँभालने के उपलक्ष्य में भव्य स्वागत किया और अपनी एक सूत्री माँग पत्र सौंपा।की साक्षर भारत कर्मी को केंद्रीय कर्मी का दर्ज़ा देने की घोषणा की जाय।
मौके पर कार्यक्रम समन्यवक नवीन कुमार, राम किशोर सिंह, कल्पना कुमारी, अशोक कुमार तालिमी मरकज के मो• शाहिद रेजा आदि मौजूद थे।

तालिमी मरकज़ और उत्थान केंन्द्र के कर्मियों की आवाज़ को अब बिहार सरकार दबा नही पाएगी - मोहम्मद कमरे आलम

बिहार प्रदेश के हर कोने से उठ रही तालिमी मरकज़ और उत्थान केंन्द्र के कर्मियों की आवाज़ को अब बिहार सरकार दबा नही पाएगी।सरकार को राज्य कर्मी का दर्जा के साथ वेतन मान देना होगा।तालिमी मरकज़, उत्थान केँद्र के एकता अखंडता को मैं दिल से सलाम करता हूँ।

MD Qamre Alam Ekdandi parihar sitamarhi Bihar

विशिष्ट पोस्ट

सामान्य(मुस्लिम)जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को हटाने से संबंधित निर्णय को वापस ले सरकार वरना सड़क से लेकर संसद तक होगा आंदोलन :- मोहम्मद कमरे आलम

आठ वर्षों से कार्य कर रहे सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को एक झटके में बिहार सरकार द्वारा सेवा से यह कह कर हटा दिया...