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Showing posts from October, 2016

झारखंड के दुमका प्रमंडल की पुलिस का गौरक्षा के नाम पर आतंक

मुसलामानों के विरुद्ध नफरत एवं अन्याय का पाठ पढने वालों के हाथों में जब हिंदुत्व के मुद्दे पर सत्ता हो तो उसकी क्रूरता एवं दबंगई को कौन रोक सकता है : यहाँ हम आपको दुमका प्रमंडल की पुलिस की गाय के नाम पर गुंडागर्दी की आँखों देखी तस्वीर पेश करते हैं (यह सच घटना पर आधारित है और मुस्तकीम सिद्दीकी के भावनाओं से जुडी है ):एक सप्ताह पहले मिन्हाज़ अंसारी को गाय के नाम पर दुमका प्रमंडल की पुलिस ने पुलिस थाने में इतनी द्रन्द्गी , क्रूरता एवं अमानवीय तरीके से पिटती है के हॉस्पिटल में उसकी मौत हो जाती है , लेकिन दुमका प्रमंडल की पुलिस गाय के नाम पर किस तरह गुंडागर्दी कर रही है अगर इसके विरुद्ध हम आज आवाज़ नही उठाएंगे तो मिन्हाज़ अन्सारी की तरह कितनी माएं अपनी जवान बेटे को खो देगी | यहाँ हम आपको दुमका प्रमंडल की पुलिस की गाय के नाम पर गुंडागर्दी की आँखों देखी तस्वीर पेश करते हैं :आज से लगभग डेढ़ महीने पहले 26 अगस्त 2016 को रात्री 3:45 बजे मेरा एक मित्र अख्तर हुसैन मुझे फोन करता है के आप कहाँ हों और किया कर रहे हो , चुनके मैं रात में लम्बे सफ़र से आकर थका गहरी नींद में घर पर सो रहा था, गुस्से में मैंने …

सुना है कि स्कूल से ग़ायब शिक्षकों पर ऑनस्पॉट फैसला किया जायेगा-मोहन मुरारी

दोस्तों बलि बकड़े की दी जाती है अतः जो बकड़े हैं वो कटने को तैयार हो जाएँ और जो शेर हैं वो प्रण लें कि निरीक्षण करने वालों पर ऑनस्पॉट फैसला लें। निरीक्षण कर्ता को ऐसा सबक सिखाएँ कि दुबारा किसी विद्यालय में निरीक्षण करने का सोंचे तक नहीं।
यह सब शिक्षा के गुणवत्ता के लिये नही हो रहा बल्कि अधिकारियों और मंत्रियों का जेब भरने के लिये हो रहा है।और यदि वास्तव में सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा लाना चाहती है तो मैं दावे के साथ कहता हूँ मेरे बताये रास्ते पर चले सरकार तो न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य पूरा होगा बल्कि अरबों खरबों रूपये जो प्रतिमाह सरकार विद्यालयों में खर्च करती है उस दुरूपयोग को भी रोका जा सकता है।
इसके लिए सरकार को चाहिये कि एक ऐसा कानून लागू करे(जैसे शराबबन्दी के लिये लाया गया) जिसके अन्तर्गत सभी सरकारी कर्मचारियों;पंचायत प्रतिनिधियों;  विधायकों; सांसदों और मंत्रियों के बच्चों का नामांकन उसी सरकारी विद्यालय में हो जिस विद्यालय की स्थिति ठीक करनी हो।
उसके बाद न तो विद्यालय में MDM की आवश्यकता होगी न छात्रवृति और पोशाक योजना की और न ही किसी औचक निरीक्षण की आवश्यकता होगी।यदि कि…

परिवर्तनकारी प्रारम्भिक शिक्षक संघ की बैठक 15नवम्बर को होगी

परिवर्तनकारी प्रारम्भिक शिक्षक संघ की जिला कमिटी की ओर से दिनांक 15 अक्टूबर 2016 दिन ,  शनिवार
समय :- 1:30 पूर्वाह्न , स्थान:-  गीता भवन ,  डुमरा ( कुमार चौक के समीप ) सीतामढ़ी में अति आवश्यक बैठक का आयोजन किया जा रहा है । जिसमें जिला कार्यकारणी के सभी सम्मानित प्रतिनिधिगण , सभी प्रखंड अध्यक्ष , महासचिव एवम सभी सम्मानित प्रतिनिधिगण की उपस्थिति अनिवार्य है । आप सभी  प्रतिनिधियों से आग्रह है की ससमय उपस्थित होकर बैठक को सफल बनाएँ ।
     कृपया इसे सर्वोच्य प्राथमिकता देगें ।

ब्रेकिंग न्यूज़ /डीपीई से सम्बंधित याचिका कोर्ट ने किया ख़ारिज

माननीय हाइकोर्ट ने इग्नू से डीपीई व सम्बर्धन करने वाले नियोजित शिक्षक को प्रशिक्षित शिक्षक की मान्यता दे दी है ।
इस कोर्स के मान्यता को रद्द करने की याचिका को आज माननीय हाइकोर्ट पटना ने ख़ारिज कर दिया गया है।

Virasat

AZIZ BURNEY
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Rishtey khoon k,sukoon k,junoon k
Ji han aaj m aap k darwaze par ek naye rishtey ka paigham lekar aaya hun ji nahi ye us rishtey ka paigham nahin h Jo do afraid ya do khandanon k darmyan hota h
M us rishtey ka paigham lekar aaya hun Jo poori Qom aur tamam ham khyal logon k darmyan ho
Hamara ek chota pariwar WO pariwar hota h jin se hamara khoon ka rishta hota h Jo hamare khoon se paida hain ya ham jin k khoon se paida hain
Hamara ek barha pariwar WO pariwar ho sakta h jinse hamara sukoon ka rishta h jinhen ham khud qayam karte hain jinse hamara dil ka rishta h Jo hamare hamkhyal hain moonh bole aur god liye rishtey bhi isi dayre m aate hain inki tadad LA mehmood ho sakti h
Jin se aapka khoon ka rishta h WO aapki khandani virasat k haqdar hain aur jinse aapka sukoon w junoon ka rishta h WO aapki amli virasat k haqdar hain aaj meri virasat do hisson m bati h ek WO Jo mitti ki virasat h jise ek din mitti m mil Jana h WO zamin zaydat eint pathar k makanat J…

अन्याय की कोख से क्रांति का जन्म होता है

बादशाह सदाक़त
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राजद के राष्टीय नेता डा.मोहम्मद शहाबुद्दीन को महज एक व्यक्ति समझकर नितीश जी और महागठबंधन के तथकथित नेताओं ने भारी भूल की है।अदालत को गुमराह करके उनको जेल भिजवाकर इन नेताओं ने बिहार के मुस्लिम समाज के दिलों पर ठेस पहुंचाई है।इसका परिणाम आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा।शहाबुद्दीन आज की तारीख में व्यक्ति नहीं ,संस्था का नाम हो चूका है।जिन विधायकों की नसीब मुस्लिम मतदाता लिखने का काम करते हैं ,उनके सामने भविष्य की चिंता आ खड़ी हुई है।इस मामले में सरकार ने राज धर्म का अपमान किया है।शहाबुद्दीन को जेल में बन्द करके मुसलमानों पर राज करने का सपना देखने वाले यह मत भूलें कि जुल्म और अन्याय की कोख से ही परिवर्तन की क्रांति का जन्म होता है।